
Shivraj Singh Chouhan: केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव आयोग और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनाव जीतने पर चुनाव आयोग को सही मानती है, जबकि हारने के बाद उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाती है। शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री व गृह मंत्री को लेकर दी गई बयानबाजी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करार दिया।
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की दोहरी मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत के पास दुनिया का सबसे मजबूत लोकतंत्र है, जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में दी जाती है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि जब कांग्रेस जीतती है, तब चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया बिल्कुल सही होती है। लेकिन हार मिलते ही वे चुनाव आयोग पर सवाल उठाने लगते हैं। आखिर कांग्रेस यह स्पष्ट करें कि इसी प्रक्रिया से उन्होंने कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में चुनाव कैसे जीते?
कांग्रेस द्वारा फिर से बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर शिवराज सिंह चौहान ने जमकर निशाना साधा। उन्होंने 1980 और 1990 के दशक की याद दिलाते हुए कहा कि उस दौर को कोई नहीं भूल सकता जब मतदान केंद्रों पर कब्जे (बूथ कैप्चरिंग) होते थे और एक ही व्यक्ति सारे बैलेट पेपर पर मुहर लगा देता था। क्या कांग्रेस देश को फिर से उसी काले दौर में धकेलना चाहती है? समझ नहीं आता कि कांग्रेस पारदर्शी और तकनीक आधारित चुनावी प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राहुल गांधी के इशारे पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं को नाजायज बताना देश के लोकतंत्र, जनादेश और संवैधानिक संस्थाओं का सीधा अपमान है। यह देश में अराजकता फैलाने और जनता के विश्वास को तोड़ने का नापाक प्रयास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह पाप नया नहीं है, अतीत में आपातकाल (Emergency) लगाकर भी उन्होंने लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया था।
अपनी बात का समापन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की समझदार जनता कांग्रेस की इस बयानबाजी और मंशा को अच्छे से समझती है। भारत की जनता बार-बार अपने वोट की ताकत से कांग्रेस के इन नापाक मंसूबों का जवाब देती रही है और आगे भी देती रहेगी। कांग्रेस के ये इरादे कभी पूरे नहीं होंगे।