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Central Secretariat Library: दिल्ली की ऐतिहासिक लाइब्रेरी का क्या होगा? Supreme Court ने खुद लिया मामले का संज्ञान, सोमवार को सुनवाई

CSL Relocation: 8.5 लाख से ज्यादा किताबों का खजाना अब कहां जाएगा? सेंट्रल विस्टा के बीच 135 साल पुरानी लाइब्रेरी के स्थानांतरण का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सोमवार की सुनवाई पर सबकी नजर रहेगी।
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भारत

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Manoj Vashisth

•

Oct 04, 2026

Central Secretariat Library, Supreme Court

Central Secretariat Library: 8.5 लाख किताबें, 135 साल पुराना इतिहास… अब कहां जाएगी दिल्ली की मशहूर लाइब्रेरी?सुप्रीम कोर्ट (File Photo)

Central Vista Plan: दिल्ली के सत्ता गलियारों के बीच मौजूद एक ऐतिहासिक पुस्तकालय अब अदालत की निगरानी में है। 135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) को नई जगह शिफ्ट करने की तैयारी ने इसके भविष्य को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि नई सेंट्रल विस्टा योजना में इस पुस्तकालय के लिए फिलहाल स्पष्ट जगह नजर नहीं आ रही। इसी मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेकर मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।

सुप्रीम कोर्ट में होगी अहम सुनवाई

सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी (CSL) के भविष्य को लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। देश की राजधानी में लंबे समय से मौजूद इस ऐतिहासिक पुस्तकालय को नए स्थान पर ले जाने की कवायद के बीच शीर्ष अदालत ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया है। न्यायमूर्ति संजय कुमार और न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा की पीठ सोमवार को इस मामले पर सुनवाई करेगी।

8.5 लाख पुस्तकों का विशाल संग्रह

मामले की अहमियत इसलिए भी बढ़ जाती है क्योंकि CSL महज एक सामान्य सरकारी पुस्तकालय नहीं है। यहां करीब 8.5 लाख पुस्तकें मौजूद हैं। ऐसे में स्थानांतरण की प्रक्रिया केवल इमारत बदलने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इतने बड़े पुस्तक संग्रह को सुरक्षित तरीके से नए परिसर में ले जाना भी एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

उपयुक्त जगह की तलाश जारी

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल विस्टा योजना के तहत मौजूदा सरकारी ढांचे में व्यापक बदलाव हो रहा है। इसी क्रम में CSL के लिए नए स्थान की तलाश की जा रही है। बताया गया है कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) अभी पुस्तकालय के लिए उपयुक्त जगह तलाश रहे हैं।

सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास और ऐतिहासिक संस्थानों का भविष्य

यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत दिल्ली के प्रशासनिक क्षेत्र को नए सिरे से आकार दिया जा रहा है। ऐसे में ऐतिहासिक संस्थानों और उनके मौजूदा स्थान को लेकर उठने वाले सवाल भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

अदालत तय करेगी स्थानांतरण की रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान का अर्थ है कि अदालत ने मामले को स्वयं न्यायिक विचार के लिए लिया है। अब सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट हो सकता है कि पुस्तकालय के स्थानांतरण की योजना किस चरण में है, उसके लिए वैकल्पिक जगह की स्थिति क्या है और इतनी बड़ी संख्या में पुस्तकों को सुरक्षित रखने के लिए क्या व्यवस्था प्रस्तावित है।