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जजों के खिलाफ हैरान करने वाला आंकड़ा आया सामने, 10 साल में 8,630 शिकायतें

Law Ministry Report: सरकार ने बताया कि पिछले दस वर्षों में सीजेआई कार्यालय को देशभर में कार्यरत जजों के खिलाफ कुल 8,630 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह आंकड़ा हैरान करने वाला है।

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Feb 14, 2026
नवीनतम रिपोर्ट: देशभर में कार्यरत जजों के खिलाफ कुल 8,630 शिकायतें (इमेज सोर्स: AI जनरेटेड)

नई दिल्ली. लोकसभा में साझा किए गए ताजा आंकड़ों ने न्याय व्यवस्था की जवाबदेही और पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल फिर सामने ला दिया है। सरकार ने बताया कि पिछले दस वर्षों में सीजेआई कार्यालय को देशभर में कार्यरत जजों के खिलाफ कुल 8,630 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यह आंकड़ा हैरान करने वाला है।

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डीएमके सांसद ने विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से पूछा सवाल

लोकसभा में डीएमके के सांसद माथेस्वरन वी.एस. ने लोकसभा में विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से पूछा कि क्या सर्वोच्च न्यायालय के पास जजों के खिलाफ भ्रष्टाचार, यौन दुराचार या अन्य गंभीर आरोपों से जुड़ी शिकायतों का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने की कोई प्रणाली मौजूद है। इसके साथ ही क्या सरकार ऐसी शिकायतों की निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीकृत व्यवस्था या नए दिशा निर्देश लाने पर विचार कर रही है।

इस पर मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों से संबंधित शिकायतें सीजेआइ न्यायालय की आंतरिक प्रक्रिया के तहत देखते हैं। इसी प्रकार, उच्च न्यायालयों में संबंधित मुख्य न्यायाधीश अपने-अपने न्यायालय के जजों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों को संभालने के लिए सक्षम होते हैं।

मेघवाल ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पूर्व मुख्य न्यायाधीश डॉ. डी.वाई. चंद्रचूड़ और पूर्व मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना के कार्यकाल के दौरान वर्ष 2024 में सबसे अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं थी। उन्होंने बताया कि जनवरी में सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय को जिला न्यायपालिका के न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ शिकायतों से निपटने के लिए निर्देश जारी किए गए थे।

किस साल कितनी शिकायतें मिलीं

वर्षशिकायतों की संख्या
2016729
2017682
2018717
20191,037
2020518
2021686
20221,012
2023977

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