श्रद्धा हत्याकांड की जांच तेज गति से हो रही है। दिल्ली पुलिस कोई चूक नहीं चाहती है। हत्याकांड के आरोपी आफताब को जंगलों में ले जाकर शव के फेंकने वाले स्थानों को कनफर्म कर रही है। पुलिस जांच में कई चौंकाने वाला खुलासा हो रहा है। आप जानें
श्रद्धा वाकर हत्याकांड ने दिल्ली ही नहीं पूरे देश को हिला कर रख दिया है। दिल्ली पुलिस ने श्रद्धा वाकर हत्याकांड की जांच तेज कर दी है। जांच में कई मामलों का खुलासा हो रहा है। दिल्ली पुलिस सुबूत जुटाने में जुटी हुई है। दिल्ली पुलिस आफताब को लेकर महरौली के जंगलों में पहुंची है। और उससे स्थानों की तस्दीक कर रही है जहां उसने शव के टुकड़े फेंके हैं। श्रद्धा वाकर की जघन्य हत्या की जांच में खुलासा हुआ है कि, आरोपी आफताब अमीन पूनावाला ने श्रद्धा के जिंदा होने का आभास देने के लिए जून तक उसके इंस्टाग्राम अकाउंट का इस्तेमाल किया। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
फोन स्कैन कर रही है पुलिस
आफताब अमीन पूनावाला को शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी के महरौली इलाके में अपने लिव-इन पार्टनर की 18 मई को हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि, उसने श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े कर 18 दिनों के भीतर अलग-अलग जगहों पर फेंके। जांचकर्ताओं ने कहा कि, पुलिस की टीमें अधिक जानकारी हासिल करने के लिए उसके फोन को स्कैन कर रही हैं।
आफताब उसे पीटता है, मां को बताया था सच
एक अधिकारी ने कहा, वह किसी भी संदेह से बचने के लिए आफताब, श्रद्धा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक्टिव था। पुलिस की टीमें उसके मोबाइल फोन के विवरण की जांच कर रही हैं। श्रद्धा (26 वर्ष) के परिवार ने दावा किया कि, कभी-कभी वह अपनी मां को बताती थी कि आफताब उसे पीटता है।
रिश्ते के विरोध में था श्रद्धा का परिवार
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता का परिवार रिश्ते के विरोध में था। इस पर श्रद्धा का कहना था कि, वह 25 साल की है और उसे अपने फैसले लेने का अधिकार है। बाद में, उसने घर छोड़ दिया और आफताब के साथ रहने लगी। लेकिन कभी-कभी, वह अपनी मां को बताती थी कि आफताब उसे पीटता है। 2020 में उसकी मां का निधन हो गया। उसके लगभग 15 से 20 दिन बाद, उसने अपने पिता को फोन किया और आफताब के पीटने की बात कही।
मैंने श्रद्धा से कहा, घर लौट आए
पिता ने बताया कि, वह मुझसे मिली और जब मैंने उसे पूनावाला को छोड़ने और घर लौटने के लिए कहा, तो पूनावाला ने तुरंत उससे माफी मांग ली। जिसके चलते वह दोबारा उसके साथ वापस चली गई। उसने मेरे अनुरोध को नहीं सुना, जिसके कारण मैंने कई महीनों तक उससे बात करना बंद कर दिया।
2016 से अलग थे श्रद्धा के माता-पिता
पीड़िता के माता-पिता 2016 से अलग थे। 2018 में श्रद्धा के पिता को पता चला कि वह पूनावाला के साथ रिश्ते में हैं। पुलिस ने बताया कि, आफताब ने 18 मई को श्रद्धा के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद एक नया रेफ्रिजरेटर खरीदा और उसमें शरीर के अंगों को रखा। बदबू से बचने के लिए उसने अपने घर पर अगरबत्ती जलाई।