राष्ट्रीय

LPG Crisis: पर्यटन सीजन के बीच गैस सिलेंडरों का भारी संकट, होटल और रेस्तरां पर असर, पर्यटक कैसे आएं

LPG Cylinder Shortage: सिक्किम में पर्यटन के पीक सीजन के दौरान एलपीजी सिलेंडरों की भारी कमी हो गई है। लोग सुबह तीन बजे से कतारों में लग रहे हैं, जिससे होटलों में खाना बनाना मुश्किल हो गया है और पर्यटकों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

2 min read
Apr 02, 2026
फाइल फोटो- पत्रिका

Supply Shortage : भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल सिक्किम में इन दिनों पर्यटकों की खासी भीड़ है, लेकिन इसी बीच राज्य एक गैस आपूर्ति की कमी) से जूझ रहा है। अप्रेल का महीना सिक्किम में पर्यटन के लिए सबसे व्यस्त समय माना जाता है, लेकिन वर्तमान में राज्य घरेलू और वाणिज्यिक (कॉमर्शियल) दोनों तरह के एलपीजी गैस सिलेंडरों की भारी कमी का सामना कर रहा है। इस संकट के कारण न केवल आम जनता बल्कि स्थानीय व्यापारियों और पर्यटकों को भी भारी असुविधा हो रही है।

ये भी पढ़ें

Iran Israel War: दुबई में फंसे महाराष्ट्र के 400 पर्यटक, कहा- हॉटेल के पास हो रहे धमाके, बेहद भयावह है स्थिति

लोग तड़के 3 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हो रहे

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गैस सिलेंडरों की यह किल्लत इतनी ज्यादा है कि लोग तड़के 3 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े हो रहे हैं। घंटों इंतजार करने के बावजूद कई लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। गंगटोक सहित राज्य के कई अन्य हिस्सों में भी आपूर्ति की समस्या गंभीर बनी हुई है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी और राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जो मुख्य रूप से पर्यटन पर निर्भर है।

एक सप्ताह में लगभग 14 सिलेंडर की जरूरत

इस संकट का सबसे ज्यादा नुकसान होटल और रेस्तरां संचालकों को उठाना पड़ रहा है। कई होटलों में खाना पकाने का काम लगभग ठप हो गया है। गंगटोक के एक होटल मालिक राजेश गुप्ता के अनुसार, उनके होटल में सामान्य दिनों में प्रति दिन दो कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, यानि एक सप्ताह में लगभग 14 सिलेंडर लगते हैं। लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि उन्हें प्रति सप्ताह केवल एक ही कमर्शियल सिलेंडर मिल पा रहा है।

इस संकट पर व्यापारियों की तीखी प्रतिक्रिया

व्यापारियों की ओर से इस संकट पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। होटल व्यवसायियों का कहना है कि गैस की भारी कमी के कारण वे मेन्यू में कटौती करने को मजबूर हैं। कई होटल अपने ग्राहकों को केवल सूखा नाश्ता या सीमित भोजन ही उपलब्ध करा पा रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि गैस संकट के चलते गंगटोक में कई छोटे रेस्तरां और ढाबे अस्थाई रूप से बंद हो गए हैं, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा असर पड़ा है।

तय कीमत से अधिक दाम वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने इस मामले में सीधा दखल दिया है। मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने आवश्यक वस्तुओं के स्टॉक और वितरण की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि राज्य भर में गैस और अन्य जरूरी चीजों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने जमाखोरी, कालाबाजारी और तय कीमत से अधिक दाम वसूलने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस को लगातार निगरानी रखने का काम सौंपा गया है।

रेस्तरां बंद होने से पर्यटकों का अनुभव खराब हो रहा

सिक्किम में एलपीजी संकट का एक बड़ा पहलू वैश्विक भू-राजनीति से भी जुड़ा हुआ है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध की स्थिति के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिसका असर अब भारतीय राज्यों में भी दिखने लगा है। इसके अलावा, पर्यटन के चरम मौसम में होटलों के मेन्यू में कटौती और रेस्तरां बंद होने से पर्यटकों का अनुभव खराब हो रहा है। लंबी यात्रा करके पहाड़ पर पहुंचे पर्यटकों को सही से भोजन न मिल पाना राज्य के पर्यटन उद्योग की छवि को भी नुकसान पहुंचा सकता है। ( इनपुट: ANI )

Also Read
View All

अगली खबर