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Desert Safari : पर्यटकों को लुभा रही है राजस्थान की यह डेजर्ट सफारी और ऊंट की सवारी, रेत के टीले बनें लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र

चूरू. मरुस्थलीय जिले के चूरू से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 52 (National Highway 52) बाइपास पर गांव रामसरा का दुबई टिब्बा आज पर्यटकों को लुभाने का केंद्र बिंदु बन गया है। डेजर्ट सफारी सहित केमल, घोड़ा आदि की सवारी के अलावा यहां आनेवाले लोग पैराग्लाइडिंग, ट्रैक्टर और धोरों पर बाइक सफारी जैसी गतिविधियों ने इसे […]

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चूरू. मरुस्थलीय जिले के चूरू से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 52 (National Highway 52) बाइपास पर गांव रामसरा का दुबई टिब्बा आज पर्यटकों को लुभाने का केंद्र बिंदु बन गया है। डेजर्ट सफारी सहित केमल, घोड़ा आदि की सवारी के अलावा यहां आनेवाले लोग पैराग्लाइडिंग, ट्रैक्टर और धोरों पर बाइक सफारी जैसी गतिविधियों ने इसे नया पर्यटकीय केंद्र बना दिया है।

रामसरा बना मिनी जैसलमेर
चूरू शहर (Churu City) से मात्र सात किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित रामसरा गांव आज मिली जैसलमेर (Mini Jaisalmer) के रूप में पहचान बना रहा है। डेजर्ट सफारी, ऊंट की सवारी, और प्राकृतिक नजारों के लिए पर्यटकों के लिए यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, विदेशी पर्यटक तो कम आते है लेकिन देशभर के लोगों की यहां खूब आवाजाही हो रही है। पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के लोगों के अलावा सालासर, खाटूश्याम और जीणमाता के लिए आनेवाले लोगों के लिए यह रमणीय स्थल बन गया है। इस ओर से गुजरने वाले लोग भी यहां सफारी देखकर रुके बिना नहीं रहते हैँ।

रेत के समंदर में दुबई टिब्बा
रामसरा गांव की यह धोरों की धरती न केवल पर्यटकों के लिए खास बन रही है बल्कि गांव के लिए रोजगार का यह डेजर्ट सफारी केन्द्र बन गया है। रेत के टीले और उनमें यहा एक सबसे ऊंचा टीला है जिसे दुबई टिब्बा कहा जाने लगा है। रेतीले टीलों की शृंखला वाले पर्यटकीय दृष्टि से विकसित इस क्षेत्र को गांव के युवाओं ने ही किया।

एयर बलून, बच्चों को भाते है झूले
रामसरा (Ramsara Village) के इस पर्यटकीय केन्द्र पर डेजर्ट सफारी, ऊंट, घोड़े की सवारी, हॉट एयर बलून और पैराग्लाइडिंग गतिविधि में आनेवाले लोग उत्साह से भाग ले रहे हैं। एयर बलून और झूले बच्चों को खूब भा रहे हैं। दूर की यात्रा करनेवाले लोगों का यह रमणीक पड़ाव स्थल बन गया है। देश के विभिन्न प्रांतों से आने वाले लोगों के लिए यह लोकप्रिय पर्यटकीय स्थल बन रहा है।

सावन बन जाता है मन भावन
मानूसन सत्र में सावन माह में रेत के टीलों पर जब हरियाली छा जाती है तो यहां की प्रकृति छटा देखते ही बनती है। मरुस्थल में प्राकृतिक सुंदरता के बीच यहां लोग सफारी का खूब आनंद लेते हैं। रामसरा गांव का यह उभरता पर्यटक स्थल छोटी काशी चूरू की पर्यटकीय संभावनाओं को साकार करने में संवाहक बन रहा है।

युवाओं का प्रयास लाया रंग
पूर्व जिला परिषद सदस्य एडवोकेट रामेश्वर प्रजापति ने बताया कि करीब 5-6 वर्षों पूर्व गांव के युवाओं ने अपने ऊंटों को लेकर गांव की रोही के सबसे ऊंचे टीले पर ऊंट की सवारी का कार्य शुरू किया। शुरूआत में युवा क्रमवार अपना ऊंट ले जाते और लोगों को सवारी करवाया करते। धीरे धीरे ऊंट की सवारी करने के प्रति लोगों का रुझान बढ़ गया और युवाओं ने यहां पर्यटकीय विकास किया। आज इसकी मिनी जैसलमेर की पहचान बन गई। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए विविधता का समावेश किया गया जिसके परिणाम स्वरूप यह जिले का पर्यटन केंद्र बन गया। इससे न केवल देश के विभिन्न प्रांतों से आनेवाले पर्यटकों से यह क्षेत्र जुड़ गया बल्कि यह गांव के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन गया।