
Sikkim Tunnel Accident: सिक्किम के नामची जिले में बन रही एक टनल में हुए बड़े हादसे के बाद मौतों का आंकड़ा बढ़कर 12 हो गया है। इस हादसे में अभी भी 13 मजदूर टनल के अंदर फंसे हुए हैं और उन्हें बाहर निकालने के लिए लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, टनल के अंदर मीथेन गैस के रिसाव के बाद विस्फोट हुआ, जिससे सुरंग का एक हिस्सा ढह गया। प्रशासन का कहना है कि मलबा ज्यादा होने के कारण राहत और बचाव कार्य काफी मुश्किल हो गया है।
यह हादसा भारतीय राष्ट्रीय जलविद्युत निगम (NHPC) के 500 मेगावाट तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की टनल में हुआ। कंपनी के अनुसार, टनल की खुदाई के दौरान चट्टानों के अंदर फंसी मीथेन गैस अचानक बाहर निकली और विस्फोट हो गया। इसके बाद टनल में जहरीला धुआं और गैस फैल गई। अधिकारियों का कहना है कि अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस भी मिली है, जिससे रेस्क्यू टीम को काम करने में काफी दिक्कत आ रही है। मृतकों के शरीर पर जलने के निशान भी मिले हैं, जिससे गैस विस्फोट की आशंका और मजबूत हुई है।
हादसे के समय टनल के अंदर कुल 25 मजदूर मौजूद थे। अब तक 12 शव बाहर निकाले जा चुके हैं, जबकि 13 मजदूरों की तलाश जारी है। पश्चिम बंगाल से आई ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की विशेष रेस्क्यू टीम भी बचाव अभियान में शामिल हो गई है। टीम ने टनल के अंदर आठ और शव दिखाई देने का दावा किया है, हालांकि जिला प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों का कहना है कि टनल में भरा कीचड़ और जहरीली गैस बचाव कार्य को धीमा कर रहे हैं।
सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने हादसे की जगह का दौरा किया और मृतकों के परिवारों को चार लाख रुपये तथा घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता देने का ऐलान किया। उन्होंने पूरे मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाने की भी घोषणा की। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से बात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री ने भी मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। विधानसभा में मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया।