
SIR 2026: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर चल रहे विवाद के बीच चुनाव आयोग ने Declaration Form को लेकर स्थिति साफ की है। आयोग ने कहा है कि Form 6 या Form 8 के साथ Additional Declaration Form जमा करने वाले आवेदक को इसके साथ कोई दूसरा दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं होगी। आयोग के मुताबिक यह प्रावधान बिहार से शुरू हुए SIR और बाद में अन्य राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लागू प्रक्रिया का हिस्सा रहा है। चुनाव आयोग ने कहा कि यह व्यवस्था आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लागू की गई थी। आयोग के अनुसार Declaration Form की व्यवस्था मतदाताओं की सुविधा के लिए की गई है, ताकि घोषणा पत्र जमा करने वाले व्यक्ति को अलग से डाक्यूमेंट्स जमा करने की जरूरत न पड़े।
ECI के मुताबिक, 24 जून 2025 के बिहार SIR आदेश में Form 6 के साथ Declaration Form जमा करने का प्रावधान किया गया था। नए मतदाता के रूप में रजिस्ट्रेशन या बिहार के बाहर से राज्य में ट्रांसफर होने वाले व्यक्ति को Form 6/Form 8 के साथ Additional Declaration Form यानी Annexure D भरना था। बाद में 27 अक्टूबर 2025 के आदेश के जरिए 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी यही व्यवस्था लागू की गई। इसके बाद 14 मई 2026 के आदेश के तहत 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR शुरू करते समय भी यही प्रावधान रखा गया। चुनाव आयोग ने इन सभी फैसलों को आयोग की सर्वसम्मत मंजूरी से लिया गया फैसला बताया है।
चुनाव आयोग ने Declaration Form को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 27 मई 2026 के फैसले का भी हवाला दिया। यह फैसला Association for Democratic Reforms (ADR) बनाम Election Commission of India मामले में आया था। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट के मुताबिक, मामला बिहार में SIR की वैधानिकता और चुनाव आयोग के अधिकार से जुड़ा था। आयोग के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात का जिक्र किया था कि नए मतदाता को Form 6 के साथ Annexure D में Declaration Form देना था। अदालत ने यह भी कहा था कि SIR की प्रक्रिया Representation of the People Act, 1950 की धारा 21(3) और संविधान के अनुच्छेद 324 से जुड़ी है।
ECI ने स्पष्ट किया कि Declaration Form को मतदाताओं की सुविधा के लिए रखा गया है। आयोग के मुताबिक, जो व्यक्ति Declaration Form जमा करता है, उसे उसके साथ कोई अन्य दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं है। हालांकि, आयोग के उपलब्ध दस्तावेजों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि Declaration Form में दी गई पुरानी SIR मतदाता सूची की जानकारी उपलब्ध नहीं होती या डेटाबेस से मेल नहीं खाती, तो संबंधित ERO नोटिस जारी कर सकता है। ऐसे मामले में आवेदक को निर्धारित श्रेणी के दस्तावेज देने पड़ सकते हैं। यानी Declaration Form के साथ शुरुआत में अलग से दस्तावेज न देना और बाद में वेरिफिकेशन के दौरान दस्तावेज मांगे जाने की संभावना—दोनों अलग स्थितियां हैं।