Monsoon Rain Forecast: स्काइमेट ने दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली भविष्यवाणी कर दी है और यह बताया है कि इस बार मानसून में जमकर बारिश होगी। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जून से सितंबर के बीच तीन फीसदी ज्यादा बारिश हो सकती है।
Monsoon Forecast 2025: इस बार दक्षिण पश्चिमी मानसून झूमकर बरसेगा। इस बार मानसून की पहली भविष्यवाणी करते हुए निजी मौसम एजेंसी स्काइमेट (Skymet Moonsoon Forecast 2025) ने कहा, इस बार जून से सितंबर के बीच औसत से तीन फीसदी ज्यादा बारिश (Rain Prediction in Monsoon 2025) हो सकती है। इस अवधि में देश में औसतन 868.6 मिमी बारिश होती है, लेकिन इस वर्ष 895 मिमी बारिश होने का अनुमान है। स्काइमेट ने मंगलवार को बताया, इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून दीर्घावधि औसत (एलपीए) का 103 फीसदी यानी सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि, इसमें पांच फीसदी तक अंतर आ सकता है। यानी सामान्य से पांच फीसदी कम या ज्यादा बारिश हो सकती है।
2025 मानसून सीजन के लिए अपना पहला पूर्ण आधिकारिक पूर्वानुमान जारी करते हुए स्काईमेट के प्रबंध निदेशक (एमडी) जतिन सिंह ने कहा कि इस वर्ष प्रशांत महासागर में न्यूट्रल स्थिति है। अगले चार महीने के दौरान अलनीनो के विकसित होने की संभावना नहीं है, जो आमतौर पर भारत में मानसून को प्रभावित करता है। इसके अलावा हिंद महासागर का जलवायु पैटर्न भी अनुकूल दिख रहा है, जो मानसूनी बारिश के लिए मददगार साबित होगा। पूर्वानुमान में 96 से 104 प्रतिशत तक बारिश को सामान्य माना जाता है। चार महीने के दौरान 103 फीसदी का मतलब है अच्छी बारिश होगी। स्काइमेट का अनुमान है कि 96 फीसदी से नीचे जाने का अनुमान बहुत ही कम है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) इस मानसून सीजन का पहला पूर्वानुमान कुछ दिन में जारी करेगा।
क्षेत्रवार बात करें तो स्काईमेट ने कहा है कि पश्चिमी और दक्षिणी भारत में अच्छे मॉनसून की उम्मीद है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश के मुख्य वर्षा आधारित क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश होने की उम्मीद है। देश के पश्चिमी तट एवं मध्य भागों में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। उत्तर पूर्वी राज्यों के साथ जम्मू-कश्मीर और पहाड़ी इलाकों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। भारतीय तट पर मानसून कब दस्तक देगा, इसका आकलन अभी नहीं किया जा सका है।