
नई दिल्ली। क्या हर महीने 7 लाख रुपए की मोटी कमाई और बैंक खाते में 80 लाख रुपए से अधिक की बचत किसी इंसान को आर्थिक रूप से सुरक्षित महसूस कराने के लिए काफी है? सामान्य तौर पर इसका जवाब 'हां' होगा, लेकिन आईटी सेक्टर में काम कर रहे 29 वर्षीय एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के लिए यह सुरक्षा भी नाकाफी साबित हो रही है।
हाल ही में पर्सनल फाइनेंस पॉडकास्ट 'फिक्स योर फाइनेंस' में बातचीत के दौरान रोहित नाम के एक आईटी प्रोफेशनल ने अपनी जिंदगी से जुड़े कई पहलुओं का खुलासा किया। रोहित ने बताया कि वह दो कंपनियों में नौकरी (एक दिन में और एक रात में) कर रहे हैं। दोनों नौकरियों का वेतन मिलाकर उनकी प्रति माह कमाई 7 लाख रुपए तक पहुंच जाती है। इसके लिए उन्हें रोजाना 16 घंटे तक काम करना पड़ता है। उनके पास एक फ्लैट, एक नई कार और 82 लाख रुपए की कुल बचत है। इसके बावजूद उन्हें एआई (AI) के कारण नौकरी जाने और छंटनी का डर सता रहा है।
जब रोहित से पूछा गया कि उन्हें लगातार 16 घंटे काम करने की जरूरत क्यों महसूस होती है, इस पर रोहित ने बताया कि वे बेहद तंगहाली में पले-बढ़े हैं, जहां उनके भाई ने खुद की पढ़ाई छोड़ दी ताकि वह पढ़ सकें। यही वजह है कि आज भी उन्हें लगता है कि अगर वह सफल नहीं हुए तो यह पूरे परिवार की उम्मीदों पर असर होगा। यही सोच उन्हें लगातार ज्यादा काम करने के लिए प्रेरित करती है।
रोहित ने बताया कि आमदनी बढ़ने के बाद भी पैसों को लेकर उनकी चिंताएं खत्म नहीं हुईं। हाल ही में वह पिता बना है, जिससे उसके जीवन में बड़े बदलाव आए और नए खर्चे शुरू हो गए हैं। उन्होंने 85 लाख रुपए में 2 बीएचके एक फ्लैट और नई कार खरीदी है, जिसकी वजह से उनकी मासिक किस्तें और घरेलू खर्च मिलाकर करीब 1.3 लाख से 1.4 लाख रुपए महीना बैठता है।
हैरानी की बात यह है कि रोहित के पास पहले से ही काफी पैसा जमा है। उनके पास म्यूचुअल फंड में 70 लाख रुपए, शेयर बाजार में 2 लाख रुपए और फिक्स डिपॉजिट के रूप में 10 लाख रुपए जमा हैं। इसके बावजूद उन्हें लगातार यह डर सताता रहता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेजी से बढ़ते प्रभाव के कारण कहीं उनकी नौकरी न चली जाए।
उनका कहना है कि अगर एआई के कारण कुछ भी गलत हुआ और मेरी आमदनी अचानक कम हो गई, तो मैं हालातों को कैसे संभालूंगा? रोहित का कहना है कि वह अगले पांच से छह वर्षों में 7 से 8 करोड़ की संपत्ति तैयार करना चाहते हैं। इसके बाद वह दो नौकरियों में से एक छोड़कर केवल अमेरिका वाली नौकरी पर फोकस करने की योजना बना रहे हैं।