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IB अफसर अंकित शर्मा मर्डर केस: ताहिर हुसैन की सजा पर 23 जुलाई को बहस, दोषी बोला, मैं बेगुनाह-मुझे नहीं मिला इंसाफ

Ankit Sharma murder case: दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने IB अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में दोषी ठहराए गए पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों की सजा पर बहस के लिए 23 जुलाई की तारीख तय की है।
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Ankur Sharma statement, Delhi riots victim Ankit Sharma

आईबी अफसर अंकित शर्मा (Photo Source: Social Media / Enhanced by ChatGPT)

Ankit Sharma murder case: दिल्ली में 2020 के सांप्रदायिक दंगों के दौरान IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों की सजा पर अब 23 जुलाई को बहस होगी। कड़कड़डूमा कोर्ट ने सजा तय करने के लिए इस तारीख को सुनवाई तय की है। इससे पहले कोर्ट ने सोमवार को ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को हत्या समेत कई आरोपों में दोषी ठहराया था।

मैं बेगुनाह हूं, मुझे इंसाफ नहीं मिला

IB अफसर अंकित शर्मा मर्डर केस में कोर्ट से दोषी ठहराए जाने के तुरंत बाद पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन रो पड़ा। कोर्ट से ले जाते वक्त वह बोला की मैं बेगुनाह हूं और मुझे इंसाफ नहीं मिला। कोर्ट में अब दोषियों की सजा पर आगामी 23 जुलाई को बहस होगी। सोमवार को मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने पूर्व एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन, नाजिम,कासिम, अनस और जावेद को दोषी करार दिया था।

मंत्री कपिल मिश्रा बोले, साजिश में पूर्व सरकार का रहा समर्थन

IB अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में AAP के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दोषी ठहराए जाने पर दिल्ली सरकार के कानून और न्याय मंत्री कपिल मिश्रा का बयान सामने आया है। उन्होने कहा कि यह साबित हो गया है कि 2020 के दंगे एक सोची-समझी साजिश थी, हिंदुओं के नरसंहार की एक योजनाबद्ध साजिश थी। ताहिर हुसैन और उसके अन्य साथी, चाहे वे आम आदमी पार्टी के नेता हों या उमर खालिद जैसे लोग, सभी इसमें शामिल थे। यह योजना सड़कों को जाम करने से शुरू हुई, जिसके बाद वहां रहने वाले हिंदू समुदाय को घेरकर मारने की साजिश रची गई।

एक ऐसी साजिश जिसे आरोपियों ने अंजाम भी दिया। अंकित शर्मा नाम का एक निर्दोष युवक और IB अधिकारी भी शामिल था, जिसे कई बार चाकू मारा गया और बाद में उसका शव नाले में फेंक दिया गया। दिल्ली की तत्कालीन सरकार के नेताओं ने ने दिल्ली की सड़कों को जाम करने वालों का समर्थन किया।

2020 के दिल्ली दंगों में हुई थी हत्या

मालूम हो साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के जांबाज कर्मचारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। घर से बाहर निकले अंकित शर्मा को दंगाई भीड़ में खींचकर चांद बाग पुलिया के पास ले गई, जहां उन पर चाकू, सरियों और डंडों से बर्बरता से हमला कर हत्या कर दी। सबूत मिटाने के लिए दंगाईयों ने उनके शव को नजदीक के नाले में फेंक दिया था। अंकित शर्मा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 50 से अधिक गहरे जख्म मिले जो बर्बरता की कहानी खुद बयां कर रहे थे। पोस्टमार्टम में कई अंग बुरी तरह क्षतविक्षत पाए गए थे।

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