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जम्मू-कश्मीर में तैनात जवान दो महीने से लापता, वीडियो जारी कर पहलगाम हमले को बताया था अंदरूनी साजिश! FIR दर्ज

Fact Check PIB: प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने कहा कि सैनिक एक "डेजर्टर" है और मार्च 2025 से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहा है, न ही वह अपने परिवार के संपर्क में रहा है।
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Updated: 15 May 2025, 1:06 PM IST
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Fact Check PIB: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ऐसे सैनिक के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की है, जो मार्च से लापता था, और एक वीडियो क्लिप में उसने दावा किया था कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले को "अंदरूनी साजिश" कहा गया था।प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने कहा कि सैनिक एक "डेजर्टर" है और मार्च 2025 से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहा है, न ही वह अपने परिवार के संपर्क में रहा है।

1:45 मिनट के अपने वीडियो में, सैनिक, जो स्थानीय निवासी और 29 राष्ट्रीय राइफल्स (RR) के दिलहैर मश्ताक के रूप में पहचाना गया, ने सेना और केंद्रीय सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने पहलगाम में 26 लोगों- ज्यादातर पर्यटकों लेकिन एक स्थानीय की भी हत्या की थी। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा के त्राल का निवासी, मश्ताक पिछले साल दिसंबर में छुट्टी पर घर पर था, जब उग्रवादियों ने उस पर गोली चलाई थी, जिसमें वह घायल हो गया था।

PIB ने वीडियो को "फर्जी" करार दिया

PIB के फैक्ट-चेक यूनिट ने वीडियो को "फर्जी" करार दिया "एक भारतीय सेना के सैनिक का वीडियो, जिसमें केंद्रीय सरकार पर पहलगाम आतंकी हमले का आरोप लगाया गया है, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाए गए सैनिक एक डेजर्टर हैं और मार्च 2025 से अपनी ड्यूटी पर उपस्थित नहीं रहे हैं, न ही वे अपने परिवार के संपर्क में रहे हैं," PIB फैक्ट चेक में पढ़ा गया। "कृपया सावधान रहें। ऐसे वीडियो के चक्कर में न पड़ें।"

वीडियो वायरल होने के बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सैनिक के खिलाफ FIR दर्ज की। "सेना के सिपाही दिलहैर मश्ताक सोफी, 29RR के सिपाही की गुमशुदगी की रिपोर्ट 11-03-2025 में दर्ज की गई थी, जिसे सोशल मीडिया पर उसका वीडियो सामने आने के बाद FIR में बदल दिया गया," पुलिस ने एक बयान में कहा। "वीडियो, जो उसके पिता और चाचा द्वारा सत्यापित किया गया, ने FIR दर्ज करने को प्रेरित किया।"

₹10 लाख से अधिक का कर्ज था

पुलिस ने कहा कि FIR गंदरबल पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 197(D) (राष्ट्रीय एकीकरण के लिए हानिकारक आरोप और दावे) और 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला कृत्य) के तहत दर्ज की गई है। "प्रारंभिक जांच से भी पता चला कि व्यक्ति ऑनलाइन जुए में शामिल था और उसके पास ₹10 लाख से अधिक का कर्ज था," पुलिस ने कहा, "जांच शुरू कर दी गई है।"

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15 May 2025, 1:06 PM IST
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