
Sonam Wangchuk Health: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में रविवार को सुनवाई हुई। अदालत ने फिलहाल उन्हें सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग खारिज कर दी। सुनवाई के बाद वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो ने सफदरजंग अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टर उन्हें नियमित स्वास्थ्य रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने सरकार के इस दावे पर भी सवाल उठाए कि वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोनम वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि आंगमो ने आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टर परिवार को नियमित स्वास्थ्य रिपोर्ट उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि परिजनों को वांगचुक की सेहत से जुड़ी पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे उनकी चिंता बढ़ रही है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि सोनम वांगचुक को स्वास्थ्य बिगड़ने और डिवीजन बेंच के आदेश के बाद सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अदालत ने यह भी कहा कि सरकार की इस कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि वांगचुक को वही दवाएं दी जा रही हैं, जिनके लिए उन्होंने सहमति दी है। साथ ही केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस को तीन दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।
यह सुनवाई डॉ. गीतांजलि आंगमो की उस याचिका पर हुई, जिसमें उन्होंने सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से निजी अस्पताल मेदांता ट्रांसफर करने की अनुमति मांगी थी। हाईकोर्ट ने फिलहाल इस मांग को स्वीकार नहीं किया। शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल लेकर गई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद उनकी भूख हड़ताल जारी है।
गीतांजलि आंगमो ने सरकार के उस दावे को भी चुनौती दी, जिसमें कहा गया था कि वांगचुक की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल ले जाए जाने से एक शाम पहले की मेडिकल रिपोर्ट में सभी पैरामीटर सामान्य थे और पोटैशियम का स्तर 4.3 था। उनके अनुसार यदि स्वास्थ्य को लेकर वास्तव में चिंता थी, तो परिजनों को सूचित कर सामान्य मेडिकल जांच की जा सकती थी।