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Abhishek Banerjee: ‘वह देश के कानून-व्यवस्था से ऊपर नहीं हैं’, अभिषेक बनर्जी का ऑफिस तोड़े जाने पर मंत्री अग्निमित्रा पॉल का जवाब

Abhishek Banerjee Office: पश्चिम बंगाल में अभिषेक बनर्जी के अमतला स्थित कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद सियासी विवाद तेज हो गया है। अभिषेक ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए, जबकि मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।
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भारत

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Anurag Animesh

Jul 19, 2026

TMC

अभिषेक बनर्जी(फोटो-IANS)

TMC: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के अमतला स्थित पार्टी कार्यालय को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। ऑफिस के एक हिस्से पर बुलडोजर कार्रवाई के बाद अभिषेक बनर्जी ने बंगाल पुलिस पर भाजपा के साथ मिलकर 'वर्दी में चोरी करने का आरोप लगाया। वहीं, राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने पलटवार करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति देश के कानून और व्यवस्था से ऊपर नहीं है।

ऑफिस तोड़े जाने के बाद अभिषेक बनर्जी का हमला

दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला स्थित अभिषेक बनर्जी के कार्यालय के अगले हिस्से को शनिवार को जिला प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। प्रशासन का कहना है कि निर्माण बिना आवश्यक मंजूरी के किया गया था। कार्रवाई के एक दिन बाद रविवार को अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया साइट 'X' पर एक वीडियो शेयर करते हुए आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कार्यालय से लैपटॉप, प्रिंटर, डॉक्यूमेंट, टेबल, कुर्सियां और अन्य सामान ले गई।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह सिर्फ तोड़-फोड़ नहीं बल्कि 'वर्दी में चोरी' थी, जिसे हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद अंजाम दिया गया। अभिषेक ने यह भी कहा कि भाजपा सरकार में बंगाल पुलिस खुद कानून तोड़ने वाली बन गई है।

अग्निमित्रा पॉल का जवाब- अदालत का दरवाजा खुला है

अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि उनके साथ अन्याय हुआ है तो उन्हें अदालत का रुख करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास ऐसे डाक्यूमेंट्स हैं, जिनसे साबित होता है कि संबंधित पार्टी ऑफिस अवैध है। पॉल ने कहा, 'वह देश के कानून-व्यवस्था से ऊपर नहीं हैं। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है।'

हाईकोर्ट ने फिलहाल कार्रवाई पर लगाई रोक

रविवार को कोलकाता हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए कार्यालय पर आगे की तोड़-फोड़ की कार्रवाई पर रोक लगा दी। अदालत ने अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है।

प्रशासन का दावा- नोटिस का जवाब नहीं मिला

जिला प्रशासन के अनुसार, कार्यालय के निर्माण को लेकर अवैध निर्माण की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद 15 जुलाई को संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर सुनवाई के लिए बुलाया गया था। अधिकारियों का कहना है कि दो नोटिस भेजे गए, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।