
सर्वदलीय बैठक(फोटो-ANI)
Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र से पहले शनिवार को हुई सर्वदलीय बैठक हंगामे से भरा रहा। मीटिंग के बीच में ही विपक्षी पार्टियों ने प्रतीकात्मक वॉकआउट किया। साथ ही इस दौरान एक मजेदार दृश्य भी सामने आया। एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने बैठक के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब शरद पवार गुट के एनडीए में शामिल होने की अटकलें लगातार लग रही हैं। सर्वदलीय बैठक समाप्त होने के बाद एनसीपी (शरद पवार गुट) सांसद सुप्रिया सुले ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पैर छूकर उनका अभिवादन किया।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उम्मीद जताई कि विपक्ष मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करेगा।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सभी विपक्षी दल समझदारी से काम लेंगे और संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलने देंगे। उन्होंने विपक्ष के प्रतीकात्मक वॉकआउट पर कहा कि इसे पूरे दिन की कार्यवाही के बहिष्कार के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक यह केवल एक सांकेतिक विरोध था। रिजिजू ने यह भी कहा कि सरकार राजनीतिक दलों की संख्या के आधार पर विभिन्न विषयों पर चर्चा करती है, लेकिन किसी भी दल को उसके अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।
19 जुलाई 2026 को हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान INDIA गठबंधन के सांसदों ने कुछ समय के लिए सांकेतिक वॉकआउट किया। बाद में सभी विपक्षी दल बैठक में वापस शामिल हो गए। बताया गया कि यह विरोध तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों के बैठने की व्यवस्था को लेकर जताया गया था।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आगामी मानसून सत्र को लेकर कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता ने जो जनादेश दिया था, दो साल बाद लोकसभा की वर्तमान संरचना उससे मेल नहीं खाती। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र की सबसे बड़ी प्राथमिकता नए दल-बदल विरोधी कानून पर चर्चा होनी चाहिए। उनके अनुसार संसद में अवसरवाद पर आधारित 'आया राम, गया राम' की राजनीति को रोकने के लिए मौजूदा कानून को और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
Updated on:
19 Jul 2026 04:38 pm
Published on:
19 Jul 2026 03:20 pm
