
Sonia Gandhi: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपनी आने वाली किताब को लेकर बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि जब राजीव गांधी को देश का प्रधानमंत्री बनाया जा रहा था, तब वह इसके बिल्कुल पक्ष में नहीं थीं। सोनिया गांधी की किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' नवंबर में रिलीज होने वाली है। इसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के कई अहम पलों और निजी अनुभवों को शेयर किया है।
सोनिया गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो में अपनी किताब के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि उनके बारे में अब तक बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन उसमें कई बातें सही नहीं थीं। कुछ बातों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया, तो कुछ पूरी तरह गढ़ी गई थीं। ऐसे में किताब के जरिए उन्हें अपनी कहानी और तथ्यों को अपने नजरिए से सामने रखने का मौका मिला।
सोनिया गांधी ने अपनी किताब के बारे में बात करते हुए कहा कि वह कभी नहीं चाहती थीं कि राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री बनें। उनके मुताबिक, जब राजीव गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की बात हो रही थी, तब वह इस फैसले के बिल्कुल खिलाफ थीं। यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है, जब उनकी किताब रिलीज होने वाली है और इसमें उनके निजी जीवन के साथ-साथ देश की राजनीति से जुड़े कई अनुभव भी चर्चा में आने की उम्मीद है।
सोनिया गांधी ने कहा कि उनकी किताब पढ़ने के बाद कुछ लोगों की उनके बारे में राय बदल सकती है, जबकि कुछ लोगों की राय पहले से ज्यादा नकारात्मक भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि लोगों की अलग-अलग राय होती है। कुछ लोग मेरे बारे में अपनी राय बदल सकते हैं, जबकि कुछ की राय और खराब हो सकती है। जब आप किताब लिखते हैं या सार्वजनिक जीवन में होते हैं, तो ऐसा होना स्वाभाविक है। जैसा कि यहां कहा जाता है, किताब आने के बाद तमाशा होना तय है।
सोनिया गांधी ने बताया कि उनके बारे में काफी कुछ लिखा गया है, लेकिन उसमें कई बातें या तो बढ़ा-चढ़ाकर बताई गईं या पूरी तरह काल्पनिक थीं। उन्होंने कहा कि किताब लिखने का एक मकसद अपनी कहानी खुद बताना और घटनाओं को वैसा ही सामने रखना था, जैसी वे वास्तव में हुई थीं। उनकी किताब 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' नवंबर में प्रकाशित होगी।