
पीएम नरेंद्र मोदी(फोटो-ANI)
PM Narendra Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में वैज्ञानिकों की स्वतंत्र सोच और रिसर्च की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि AI कई सामान्य काम तेजी से कर सकता है, लेकिन इससे वैज्ञानिकों की सोच सीमित नहीं होनी चाहिए। इसके बजाय, AI से बचने वाले समय का इस्तेमाल नई खोजों, कठिन समस्याओं और नए प्रयोगों के लिए किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) के क्षेत्र में भारत की प्रगति का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले एक साल में लैब से बाजार तक पहुंचने के लिए तैयार तकनीकों के लिए करीब 12,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता जताई गई है। इसके अलावा, निजी निवेशकों ने भी लगभग 12,000 करोड़ रुपये लगाने की प्रतिबद्धता जताई है। इस तरह रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए कुल 24,000 करोड़ रुपये की नई निवेश प्रतिबद्धताएं सामने आई हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से रिसर्च की उत्पादकता बढ़ाने की संभावनाएं हैं। हालांकि, इसका इस्तेमाल इस तरह होना चाहिए कि वैज्ञानिकों की स्वतंत्र सोच और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो। उन्होंने कहा कि AI तेजी से जवाब दे सकता है, लेकिन उन जवाबों की सटीकता की जांच करने की जिम्मेदारी वैज्ञानिकों की ही रहनी चाहिए। AI से बचने वाले समय को नई समस्याओं पर काम करने, प्रयोग करने और विचारों को परखने में लगाया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने वैज्ञानिकों के लिए स्वतंत्र निर्णय क्षमता विकसित करने को भी अहम बताया। उनके मुताबिक, AI के दौर में वैज्ञानिकों के सामने यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि तकनीक का इस्तेमाल करते हुए वैज्ञानिक सोच और निर्णय लेने की क्षमता को कैसे विकसित किया जाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि नेशनल रिसर्च फाउंडेशन को गति दी जा रही है। उन्होंने रिसर्च के क्षेत्र में बढ़ते निवेश और पेटेंट आवेदनों में हुई वृद्धि का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि लैब में विकसित तकनीकों को बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ रही है। इसका उद्देश्य नई तकनीकों को व्यावहारिक समाधान और व्यावसायिक अवसरों में बदलना है।
पीएम मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, एडवांस्ड मटेरियल, रोबोटिक्स, अंतरिक्ष, स्वच्छ ऊर्जा और अगली पीढ़ी के संचार जैसे क्षेत्र भविष्य को आकार देंगे। उन्होंने कहा कि भारत इन क्षेत्रों में मजबूत वैज्ञानिक आधार तैयार कर रहा है और इसके लिए कई राष्ट्रीय मिशन शुरू किए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि इन क्षेत्रों में होने वाली नई खोजों और तकनीकी सफलताओं में भारत की भी अहम भूमिका हो।
प्रधानमंत्री ने बताया कि उन्होंने IIT मद्रास में अत्याधुनिक ब्रेन सेंटर का उद्घाटन किया है। इस केंद्र ने मस्तिष्क की इमेजिंग के लिए एक ऐसा तकनीकी प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसे वैश्विक स्तर का मानक बताया गया है। यह केंद्र मानव मस्तिष्क की हाई-रेजोल्यूशन डिजिटल 3D तस्वीरें तैयार करने पर काम कर रहा है। इससे मस्तिष्क की जटिल संरचना को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस मिशन की सफलता से मस्तिष्क से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की जटिलताओं को समझने में मदद मिल सकती है। इससे भविष्य में इन बीमारियों पर वैज्ञानिक शोध को नई दिशा मिलने की संभावना है।
Updated on:
27 Oct 2026, 7:52 PM IST
Published on:
27 Oct 2026, 7:52 PM IST
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