राष्ट्रीय

सोनिया गांधी की 1980 की वोटिंग पर उठे सवाल, BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी बोले- तब भारतीय नागरिक नहीं थीं तो वोट कैसे डाला?

Sonia Gandhi 1980 Voting Controversy: बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने सोनिया गांधी की 1980 में नागरिकता और मतदान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 16 का हवाला देते हुए इस मामले में अदालत में याचिका दायर किए जाने की बात कही है।
2 min read
Sep 22, 2026
Pradeep Bhandari Sonia Gandhi citizenship
सोनिया गांधी (बाएं) और मल्लिकार्जुन खरगे (Photo-IANS)

Sonia Gandhi Citizenship Controversy: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की नागरिकता और 1980 में उनके मतदान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत भारत में मतदान का अधिकार केवल उन नागरिकों को है, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 में भी प्रावधान है कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं किया जा सकता।

1980 में भारत की नागरिक नहीं थी सोनिया- प्रदीप भंडारी

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं, इसके बावजूद उन्हें मतदान करने की अनुमति कैसे मिली, इसको लेकर अदालत में याचिका दायर की गई है। भंडारी ने सवाल उठाया कि क्या उस समय मतदान के लिए किसी तरह के दस्तावेजों में हेरफेर की गई थी? 

बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जिस अवधि में यह मामला सामने आया, उस समय 1980 से 1983 के बीच केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।

कोर्ट ने शिकायत को फिर से किया बहाल

बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ 1980 में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से जुड़े मामले में शिकायत को फिर से बहाल कर दिया है। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को मामले की दोबारा सुनवाई करने और अगले सप्ताह पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मंगाने का निर्देश दिया है।

स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह आदेश वकील विकास त्रिपाठी की ओर से दायर रिवीजन याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। त्रिपाठी राउज एवेन्यू कोर्ट की सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने पिछले साल 11 सितंबर को मजिस्ट्रेट द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी।

1980 में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोनिया गांधी ने 1980 में अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को हासिल की थी। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि उनका नाम 1982 में मतदाता सूची से हटा दिया गया और फिर 1 जनवरी 1983 को दोबारा दर्ज किया गया।

याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए कथित तौर पर गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।

Updated on:
22 Sept 2026 02:42 pm
Published on:
22 Sept 2026 02:20 pm
Also Read
View All
जमुई घटना पर बीजेपी का पलटवार: केया घोष का सवाल- ‘राजस्थान में महिलाओं पर अत्याचार के वक्त कहां थे राहुल-प्रियंका?’

कैंसर मेडिसिन पर 90 फीसदी तक का मुनाफा, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 2700 की दवा 27000 में बिक रही, यह मरीजों के साथ दिन-दहाड़े डकैती है

दिल्ली दंगा मामला: कोर्ट ने शरजील इमाम को दी 7 दिन की अंतरिम जमानत, चचेरे भाई की शादी में होंगे शामिल

जमुई मामले पर जीतन राम मांझी का बड़ा दावा, कहा-बिहार की जेलों में एक खास समुदाय के 70% लोग, एनकाउंटर के बाद बढ़ा शक

Sanjay Singh on Congress BJP: कांग्रेस-बीजेपी पर संजय सिंह का बड़ा आरोप, बोले- AAP को खत्म करना दोनों पार्टियों का मकसद