
Sonia Gandhi Citizenship Controversy: बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की नागरिकता और 1980 में उनके मतदान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत भारत में मतदान का अधिकार केवल उन नागरिकों को है, जिनकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है।
प्रदीप भंडारी ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 16 में भी प्रावधान है कि जो व्यक्ति भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं किया जा सकता।
बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि 1980 में सोनिया गांधी भारतीय नागरिक नहीं थीं, इसके बावजूद उन्हें मतदान करने की अनुमति कैसे मिली, इसको लेकर अदालत में याचिका दायर की गई है। भंडारी ने सवाल उठाया कि क्या उस समय मतदान के लिए किसी तरह के दस्तावेजों में हेरफेर की गई थी?
बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जिस अवधि में यह मामला सामने आया, उस समय 1980 से 1983 के बीच केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी।
बता दें कि दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोनिया गांधी के खिलाफ 1980 में मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से जुड़े मामले में शिकायत को फिर से बहाल कर दिया है। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट को मामले की दोबारा सुनवाई करने और अगले सप्ताह पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट मंगाने का निर्देश दिया है।
स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह आदेश वकील विकास त्रिपाठी की ओर से दायर रिवीजन याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। त्रिपाठी राउज एवेन्यू कोर्ट की सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष हैं। उन्होंने पिछले साल 11 सितंबर को मजिस्ट्रेट द्वारा शिकायत खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सोनिया गांधी ने 1980 में अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराया, जबकि उन्होंने भारतीय नागरिकता 30 अप्रैल 1983 को हासिल की थी। शिकायत में यह भी दावा किया गया कि उनका नाम 1982 में मतदाता सूची से हटा दिया गया और फिर 1 जनवरी 1983 को दोबारा दर्ज किया गया।
याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए कथित तौर पर गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।