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1980 की वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम कैसे आया? कोर्ट 21 सितंबर को सुनाएगा फैसला

सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम शामिल होने से जुड़े मामले में कोर्ट ने फैसला टाल दिया है। 1980 की मतदाता सूची में नाम दर्ज होने पर उठे सवालों पर 21 सितंबर को आदेश आने की संभावना है।
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Aug 29, 2026
Sonia Gandhi Citizenship
सोनिया गांधी के खिलाफ याचिका पर अब 21 सितंबर को आएगा कोर्ट का फैसला, photo credit: ANI

Sonia Gandhi Voter List Case: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने के मामले में दायर रिवीजन याचिका पर दिल्ली कोर्ट के स्पेशल जज ने आदेश टाल दिया है। कोर्ट से इस मामले में आगामी 21 सितंबर को आदेश जारी होने की उम्मीद है। सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल याचिका में कहा गया है कि उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी, लेकिन उनका नाम 1980 की मतदाता सूची में पहले से शामिल था।

ये है पूरा मामला

यह मामला याचिकाकर्ता विकास त्रिपाठी की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका से जुड़ा है। त्रिपाठी ने आरोप लगाया है कि सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में वर्ष 1983 में भारतीय नागरिक बनने से पहले ही शामिल किया गया था। उन्होंने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी, जिसे राउज एवेन्यू स्थित एसीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। इसी आदेश को पुनरीक्षण याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई है।

याचिका में सवाल उठाया गया है कि 1980 की नई दिल्ली की वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम किस आधार पर दर्ज किया गया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि नागरिकता मिलने से तीन साल पहले ही उनका नाम सूची में किस आधार पर दर्ज हुआ।

याचिका में यह भी दावा किया गया है कि वर्ष 1982 में सोनिया गांधी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया था। शिकायतकर्ता ने सवाल किया है कि आखिर नाम हटाने की वजह क्या थी और इसके पीछे कौन-से दस्तावेज या प्रक्रिया अपनाई गई थी।

कोर्ट ने पूर्व में खारिज की FIR की मांग

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी पर आरोप है कि उन्होंने 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त करने से पहले ही वर्ष 1980 की नई दिल्ली की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करवा लिया था। यह पुनरीक्षण याचिका में सोनिया गांधी के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेजों के आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है।

पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ सेशन कोर्ट/विशेष अदालत में यह रिवीजन याचिका दायर की गई है। इस पर अब 21 सितंबर को आदेश आने की संभावना है।

Updated on:
29 Aug 2026 05:01 pm
Published on:
29 Aug 2026 05:01 pm