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चिराग पासवान का राहुल गांधी पर पलटवार, बोले- दलित भेदभाव पर किस मुंह से बोल रहे, दशकों तक मौका कांग्रेस को ही मिला था

Chirag Paswan on Rahul Gandhi: दलितों के साथ भेदभाव को लेकर राहुल गांधी के बयान पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। चिराग ने कहा कि सामाजिक भेदभाव को लेकर चिंता साझा है, लेकिन लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस इसे खत्म नहीं कर सकी।
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पटना

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Anand Shekhar

Aug 29, 2026

chirag paswan on bpsc student protest patna

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (फोटो- X@chirag paswan)

Chirag Paswan on Dalit Reservation: दलितों के साथ भेदभाव और आरक्षण को लकेर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के दलितों के साथ कथित भेदभाव संबंधी बयानों पर पलटवार किया है। कांग्रेस पार्टी के लंबे समय तक सत्ता में रहने पर सवाल उठाते हुए चिराग पासवान ने कहा कि आजादी के बाद दशकों तक सत्ता में रहने वाली पार्टी आज किस मुंह से सामाजिक भेदभाव की बात कर रही है।

दशकों तक मिला मौका, फिर भेदभाव क्यों खत्म नहीं कर पाई कांग्रेस : चिराग

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कई उदाहरण देते हुए चिंता जताई है कि दलितों के साथ भेदभाव आज भी जारी है। पासवान ने कहा कि अगर समाज में ऐसी स्थिति अभी भी बनी हुई है, तो यह निश्चित रूप से सरकार के लिए चिंता का विषय है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग आज ये चिंताएं जता रहे हैं, उन्हीं लोगों को देश ने आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता सौंपी थी।

चिराग ने कहा कि कांग्रेस सरकारों ने लगभग साढ़े चार से पांच दशकों तक लगातार सत्ता संभाली और उसके बाद भी ऐसी सरकारें रहीं जिन्हें कांग्रेस का समर्थन प्राप्त था। इसके बावजूद, अगर समाज में भेदभाव बना हुआ है, तो इसका मतलब है कि सामाजिक न्याय की नींव को मजबूत करने में वो पूरी तरह से नाकाम रहें। पासवान ने आगे कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से कोई प्रगति नहीं होगी। ऐसी हरकतें समाज के दलित और शोषित वर्गों को ही नुकसान पहुंचाएंगी।

आरक्षण का आधार छुआछूत है, आर्थिक स्थिति नहीं : चिराग

SC/ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू करने पर चल रही चर्चा पर चिराग पासवान ने कहा कि आरक्षण का आधार हमेशा से सामाजिक पिछड़ापन और छुआछूत रहा है। इसलिए, आर्थिक नजरिए से इस पर चर्चा करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। संविधान में कहीं भी नहीं लिखा गया है कि आरक्षण आर्थिक आधार पर दिया जाना चाहिए। अगर कोई इसे बदलना चाहता है, तो उसे यह मामला संसद के सामने लाना होगा और संवैधानिक संशोधन का प्रस्ताव रखना होगा।

जीतन राम मांझी पर निशाना

एनडीए के कुछ नेताओं द्वारा क्रीमी लेयर का समर्थन किए जाने के सवाल पर चिराग पासवान ने पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हर कोई अपने राजनीतिक फायदे देखता है। चिराग ने कहा कि अगर मांझी जी मानते हैं कि क्रीमी लेयर SC/ST कैटेगरी पर लागू होना चाहिए, तो क्या वह खुद इस्तीफा देने को तैयार होंगे? चूंकि वह और उनके मंत्री बेटे दोनों इसी कैटेगरी में आते हैं, इसलिए उन्हें अपने पदों से हट जाना चाहिए। राष्ट्रपति और पूर्व राष्ट्रपति तक के साथ मंदिरों में जाने पर भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, तो उनसे बड़ा क्रीमी लेयर कौन है?

दलित को घोड़े पर चढ़ने से रोकना आर्थिक समस्या नहीं : चिराग

चिराग पासवान ने कहा कि अगर किसी दलित व्यक्ति को घोड़े पर चढ़ने या बारात निकालने से रोका जाता है, मंदिर में एंट्री से मना किया जाता है, या अगर किसी दलित ऑफिसर को उनकी सामाजिक पहचान की वजह से भेदभाव का सामना करना पड़ता है, तो यह सिर्फ आर्थिक स्थिति का मामला नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण बताते हैं कि सामाजिक भेदभाव की समस्या आज भी मौजूद है। ऐसे में आरक्षण को केवल आर्थिक आधार से जोड़ना उचित नहीं होगा।

राहुल गांधी ने क्या कहा था

इससे पहले, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने BJP सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि देश के हर दलित व्यक्ति का जन्म से लेकर मृत्यु तक हर कदम पर अपमान किया जाता है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संदर्भ में हल्द्वानी में हुई कथित 'शुद्धिकरण' की घटना का जिक्र करते हुए इसे असंवैधानिक छुआछूत का उदाहरण बताया और कहा कि 20 दिन बीत जाने के बाद भी कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई। राहुल गांधी ने मांग की थी कि मामले में तुरंत SC-ST कानून के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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