
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस (Photo-IANS)
Rahul Gandhi Press Conference: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और आरएसएस पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद किए गए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि इस मामले में जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज होनी चाहिए और आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह केवल मल्लिकार्जुन खरगे का मामला नहीं है, बल्कि देश के सभी दलितों से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने इसे संविधान और आरएसएस-भाजपा की विचारधारा के बीच की लड़ाई बताते हुए कहा कि संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार और सम्मान देता है।
राहुल गांधी ने कहा कि हमारी मांग है कि शुद्धिकरण करने वालों के खिलाफ जल्द से जल्द एफआईआर दर्ज की जाए। प्रधानमंत्री कहते हैं कि वह सभी जातियों के हैं, लेकिन उत्तराखंड बीजेपी के अध्यक्ष ने शुद्धिकरण को सही ठहराया। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री एससी/एसटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दें।
इस दौरान राहुल गांधी ने उत्तराखंड बीजेपी अध्यक्ष के उस बयान का वीडियो भी दिखाया, जिसमें शुद्धिकरण को सही ठहराया गया था। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस मामले में 20 दिन बीत जाने के बावजूद कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई और न ही कोई कार्रवाई हुई।
राहुल गांधी ने कहा कि खड़गे ने 8 अगस्त को रामलीला मैदान में जनसभा को संबोधित किया था, जबकि शुद्धिकरण 10 अगस्त को भाजपा-आरएसएस कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम दलितों और बच्चों के साथ क्या हो रहा होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने देश में दलितों के साथ होने वाले भेदभाव का भी मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कई जगह दलित बच्चों से स्कूलों में शौचालय साफ करवाए जाते हैं, उन्हें सार्वजनिक कुओं से पानी लेने से रोका जाता है और चाय की दुकानों पर अलग कप दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि शुद्धिकरण जैसी घटनाएं छुआछूत का दूसरा नाम हैं और संविधान के तहत यह अपराध है।
Updated on:
29 Aug 2026 02:38 pm
Published on:
29 Aug 2026 02:38 pm
