
Aaj ka Mausam : नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून ने गुरुवार को एक दिन देरी के साथ पूरे देश को कवर कर लिया है। मौसम विभाग के अनुसार पूरे देश को कवर करने की सामान्य तारीख 8 जुलाई है। इस बार केरल में तीन दिन देरी से 4 जून को शुरू हुआ मानसून मध्य भारत में तीन बार कई दिनों तक अटकते हुए आगे बढ़ा। फिर भी एक दिन की देरी के साथ गुरुवार को उत्तर अरब सागर, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के शेष हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में छा गया।
मानसून की सक्रियता के चलते 1 जून से 9 जुलाई तक राजधानी दिल्ली, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, सिक्किम, ओडिशा, अंडमान-निकोबार, लद्दाख, तमिलनाडु, दादरा-नगर हवेली और दमन-दीव में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। राजस्थान में 14 प्रतिशत, मध्यप्रदेश में 10 प्रतिशत तो दिल्ली में 34 प्रतिशत ज्यादा बारिश हो चुकी है।
जबकि पूरे देश के औसत के हिसाब से सामान्य के मुकाबले 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश (21 सेमी से अधिक) दर्ज की गई। पूर्वी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, विदर्भ, अरुणाचल प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश (7-11 सेमी) दर्ज हुई।
आइएमडी के अनुसार उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बने स्पष्ट कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से 10 से 12 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर-लद्दाख आदि और 10 से15 जुलाई तक हिमाचल-उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसी तरह से हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश के साथ कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। कुछ स्थानों पर आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी आशंका है। शुक्रवार को पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में व्यापक बारिश हो सकती है।
आइएमडी के अनुसार 10 जुलाई से देश के मध्य भागों (महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश) व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आने की संभावना है। जबकि उत्तर भारत, उत्तर-पश्चिम भारत व पूर्वोत्तर में बारिश की गतिविधियां कुछ दिन जारी रह सकती है।
दिल्ली-एनसीआर : बीती रात से लगातार बारिश, कई इलाकों में पानी भर गया। एनएच-24 समेत प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम, पेड़ गिरने से ट्रैफिक प्रभावित। गाजियाबाद में तेज बारिश से 10 फीट सड़क धंस गई, जिसमें कार और बाइक गड्ढे में समा गईं।
उत्तराखंड : उत्तरकाशी में यमुनोत्री हाईवे पर लैंडस्लाइड, 1000 यात्री फंस गए। टिहरी में मकान गिरा, आसपास के मकान भी खतरे में।
राजस्थान : अजमेर के किशनगढ़ में मकान ढहा, पति-पत्नी समेत कई लोगों को रेस्क्यू किया गया।
महाराष्ट्र : ठाणे में 3 मौतें, 797 लोगों को सुरक्षित निकाला। रायगढ़ में 3000 एलपीजी सिलेंडर बाढ़ में नदी में बह गए।
केरल : वायनाड में भूस्खलन से अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि, दो अभी तक लापता। कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर पुरानी इमारत का हिस्सा गिरा।