राष्ट्रीय

SIR 2026: SIR पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच भाजपा का सवाल, वोटर लिस्ट साफ करने पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों?

BJP Responds to Congress on SIR: मतदाता सूची के पुनरीक्षण पर आमने-सामने आई भाजपा और कांग्रेस की राजनीति अब चुनावी बहस का नया मुद्दा बनती दिख रही है। भाजपा नेता ने SIR की प्रक्रिया, नए मतदाताओं के नाम और डुप्लीकेट रिकॉर्ड हटाने को लेकर विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है।
2 min read
BJP Responds to Congress on SIR
BJP Responds to Congress on SIR: SIR पर रामचंदर राव का कांग्रेस पर निशाना, बोले- वोट हटाने का नहीं है मकसद (फोटो सोर्स: ANI/AI@chatgpt))

SIR in India: तेलंगाना में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव ने कांग्रेस पर इस प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि SIR का मकसद किसी खास वर्ग के वोट हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है। राव ने कांग्रेस के विरोध को राजनीतिक हताशा से जोड़ते हुए दावा किया कि पार्टी जनता के बीच गलत धारणा बनाने की कोशिश कर रही है।

SIR 2026: मतदाता सूची को अपडेट करना है मुख्य उद्देश्य

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर देशभर में चल रही राजनीतिक बहस के बीच तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंदर राव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची की जांच-पड़ताल को वोट हटाने की कवायद के तौर पर पेश करना सही नहीं है। उनके मुताबिक इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें मौजूद गलतियों को दूर करना है।

24 साल के अंतराल के बाद व्यापक पुनरीक्षण

रामचंदर राव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भी SIR जैसी प्रक्रिया कराई गई थी। उन्होंने दावा किया कि 2002 के बाद 2026 में करीब 24 साल के अंतराल के बाद देश में व्यापक स्तर पर SIR हो रहा है। ऐसे में इसे किसी राजनीतिक दल या समुदाय के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखना उचित नहीं है।

केरल चुनाव का दिया उदाहरण

भाजपा नेता ने खास तौर पर केरल विधानसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कांग्रेस के तर्क पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि वहां SIR की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव हुए और कांग्रेस ने जीत भी हासिल की। ऐसे में यह कहना कि पुनरीक्षण का उद्देश्य कांग्रेस या किसी खास समूह के मतदाताओं के नाम हटाना है, उनके अनुसार तथ्यात्मक आधार पर कमजोर दावा है।

चुनावी पारदर्शिता के लिए जरूरी कदम

राव ने कहा कि मतदाता सूची में नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना, मृत व्यक्तियों के नाम हटाना और एक से अधिक जगह दर्ज डुप्लीकेट मतदाताओं के रिकॉर्ड को दुरुस्त करना चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि इन कदमों पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस पर राजनीतिक नैरेटिव गढ़ने का आरोप

उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि पार्टी SIR को लेकर लोगों के बीच एक गलत राजनीतिक नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश कर रही है। राव के मुताबिक, लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस निराश है और इसी वजह से वह इस मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रही है।

हालांकि, SIR को लेकर विपक्ष की चिंता पूरी तरह राजनीतिक नहीं मानी जा सकती। मतदाता सूची के पुनरीक्षण में यह बेहद महत्वपूर्ण है कि पात्र मतदाता का नाम न छूटे और अपात्र या गलत प्रविष्टियां हटाई जाएं। यही वजह है कि ऐसी प्रक्रिया के दौरान दावों, आपत्तियों और सुधार के अवसरों की पारदर्शी व्यवस्था अहम हो जाती है।

Updated on:
05 Oct 2026 10:45 am
Published on:
05 Oct 2026 09:48 am
Also Read
View All
दिग्विजय सिंह पर शाइना एनसी का पलटवार- चुनिंदा याददाश्त, राम मंदिर के लिए दान पर सवाल उठाना दुर्भाग्यपूर्ण

135 साल पुरानी सेंट्रल सेक्रेटेरिएट लाइब्रेरी के नए ठिकाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा लेआउट प्लान और एफिडेविट

Bihar MLC Election: अनंत सिंह से खींचतान के बीच नीरज कुमार ने किया नामांकन, बोले- नालंदा यूनिवर्सिटी और चरवाहा विद्यालय के बीच मुकाबला

Koel Mallick joins BJP : TMC छोड़ भाजपा में शामिल हुईं कोयल मल्लिक, एक दिन पहले पार्टी ने राज्यसभा चुनाव में उतारा था

पंजाब CMO भ्रष्टाचार मामले में हाईकोर्ट सख्त, CBI को 2 महीने में रिपोर्ट देने का दिया निर्देश