
Bangladesh Immigrants: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर से करीब 150 अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को लेकर भारतीय वायुसेना का एक विमान बागडोगरा एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ है। इन लोगों को अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। अब उन्हें आगे की प्रक्रिया के लिए पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा है।
भारतीय वायुसेना के विमान की रवानगी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां भी बढ़ गई हैं। इन सभी लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें श्रीनगर से बाहर ले जाने की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, विमान को बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट पर उतरना है। इसके बाद इन लोगों को आगे की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों को सौंपे जाने की संभावना है।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई को लेकर सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, किसी व्यक्ति को अवैध विदेशी नागरिक मानने से पहले उसकी पहचान और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जाती है। इसी प्रक्रिया के तहत इन लोगों को हिरासत में लिया गया था।
सुरक्षा एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश करती हैं कि संबंधित लोग भारत में कब और किस रास्ते से दाखिल हुए। उनके पास मौजूद पहचान पत्र, यात्रा दस्तावेज और दूसरे कागजात की जांच की जाती है।
श्रीनगर से बागडोगरा ले जाए जा रहे इन लोगों के मामले में आगे की प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों के स्तर पर तय की जाएगी। अगर जांच में इनके बांग्लादेशी नागरिक होने और भारत में अवैध रूप से रहने की पुष्टि होती है, तो इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।
ऐसे मामलों में भारत और बांग्लादेश के अधिकारियों के बीच जरूरी समन्वय भी किया जाता है। प्रत्यावर्तन की प्रक्रिया पूरी होने तक संबंधित लोगों को सुरक्षा व्यवस्था के बीच रखा जाता है।
श्रीनगर से इतने लोगों को एक साथ दूसरी जगह ले जाने की कार्रवाई सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अधिकारियों की कोशिश है कि पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे और किसी तरह की परेशानी न हो।
फिलहाल सभी की निगरानी की जा रही है और बागडोगरा पहुंचने के बाद उनके संबंध में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में अधिकारियों की जांच और आधिकारिक जानकारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इन लोगों को किस प्रक्रिया के तहत वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा।