
Wayanad Landslide: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भारी बारिश और भूस्खलन के बाद वायनाड से कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा की गैर-मौजूदगी पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के पुराने बयान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी अपनी पारंपरिक पारिवारिक सीट (अमेठी) पर अपनी राजनीतिक साख बचाने में पूरी तरह नाकाम रहे थे, तब केरल के वायनाड लोकसभा क्षेत्र के लोगों ने ही उन्हें अपनाया और एक नया राजनीतिक आधार दिया। फिर भी आज, जब वायनाड के लोग एक ऐसी आपदा का सामना कर रहे हैं जिसमें कई लोगों की जान चली गई है और अनेक लोग लापता हैं, तब भी राहुल गांधी जमीन पर कहीं नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि वायनाड सीट प्रियंका गांधी को सौंपते समय उन्होंने कहा था कि वायनाड को एक नहीं बल्कि दो सांसद मिलेंगे।
त्रिवेदी ने कहा कि लोग अक्सर शिकायत करते हैं कि उनका सांसद इलाके में नहीं दिखता, लेकिन यहां तो मामला और भी अलग है। एक सांसद तो देश से ही गायब बताए जा रहे हैं।” उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी इस वक्त दुनिया के किस कोने में हैं? वायनाड और केरल के लोग यह जानना चाहते हैं।
भाजपा नेता ने इसे वायनाड की जनता के साथ धोखा बताया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय जब स्थानीय लोग मदद के लिए तरस रहे हैं, तब उनके चुने हुए प्रतिनिधि अनुपस्थित हैं। खास बात यह है कि केरल में अभी कांग्रेस की सरकार है, फिर भी राहुल और प्रियंका दोनों की तरफ से कोई संवेदना या मौके पर पहुंचने का संकेत नहीं मिला। त्रिवेदी के मुताबिक, यह पूरी तरह से उदासीनता और लोगों की भावनाओं का अपमान है।
उन्होंने गांधी परिवार से साफ-साफ माफी मांगने की मांग की। सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा में फंसे लोगों की मदद करना हर नेता की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां तो जो लोग खुद को वायनाड का सांसद बताते थे, वे कहीं दिखाई नहीं दे रहे।
वायनाड में हाल ही में आए भूस्खलन में कई लोगों की जान गई है और कई अभी भी लापता हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं, लेकिन विपक्षी दलों के नेता लगातार सवाल उठा रहे हैं कि कांग्रेस के शीर्ष नेता क्यों मौके पर नहीं पहुंचे।
यह हमला ऐसे समय में आया है जब केरल की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच पहले से ही तनातनी चल रही है। सुधांशु त्रिवेदी का बयान सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है।