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एक महीने में 20 रुपए से ज़्यादा बढ़े चीनी के दाम तो सरकार ने तय की स्टॉक लिमिट

एक महीने में ही चीनी के दाम 20 रूपए से ज़्यादा बढ़ गए हैं। ऐसे में त्योहारों के सीज़न से पहले सरकार ने इसके स्टॉक की लिमिट तय कर दी है।
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Aug 21, 2026
Sugar
चीनी (File Photo)

त्योहारों का सीज़न शुरू होने से पहले चीनी के दामों (Sugar Prices) में अचानक आई तेज़ी ने उपभोक्ताओं को चिंता में डाल दिया। देश में चीनी के औसत दाम एक महीने में 48 रुपए प्रतिकिलो से 57 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। हालांकि अधिकतम खुदरा कीमत 68 से 70 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई, यानी एक महीने में 20 रुपए से ज़्यादा की बढ़ोतरी। दामों में आई तेजी को देखते हुए केंद्र सरकार ने चीनी के स्टॉक की लिमिट के विषय में एक फैसला लिया है।

सरकार ने तय की चीनी के लिए स्टॉक लिमिट

सरकार ने 10 मीट्रिक टन से ज़्यादा मासिक चीनी इस्तेमाल करने वाले डीलरों के लिए स्टॉक लिमिट तय की है। इस लिमिट के अनुसार ऐसे डीलर 15 दिनों से ज़्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। यह आदेश 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा।

क्या है सरकार के इस फैसले का उद्देश्य?

सरकार के इस फैसले का उद्देश्य त्योहारों से पहले चीनी की ज़्यादा खरीद करके उसे जमा करने की कोशिशों पर रोक लगाना है। इससे पहले सरकार ने 1 अगस्त से चीनी डीलरों के लिए भी स्टॉक लिमिट तय की थी। डीलर किसी भी समय 4,000 क्विंटल से ज़्यादा चीनी नहीं रख सकते और जिस तारीख को चीनी उनके पास पहुंचती है उसके 30 दिन से ज़्यादा समय तक उसे स्टॉक में नहीं रख सकते। यह नियम भी 30 नवंबर तक लागू है।

सरकार ऐसेे पता लगाएगी कि कितना स्टॉक है

निगरानी के लिए सरकार चीनी की खरीद और खपत से जुड़े आंकड़ों का इस्तेमाल करेगी। चीनी मिलों से बड़े खरीदारों को हर महीने कितनी चीनी बेची गई इसका मिलान किया जाएगा। इसके लिए जीएसटी रिटर्न में चीनी से जुड़े एचएसएन कोड की जानकारी भी देखी जाएगी। यानी सरकार टैक्स रिटर्न के आंकड़ों से यह समझ सकेगी कि कितनी चीनी खरीदी और उसकी खपत कितनी है।

त्योहारों से पहले ही क्यों लिया गया फैसला?

सितंबर से नवंबर के बीच देश में गणेश उत्सव, नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे बड़े त्योहार आते हैं। इस दौरान मिठाई, पेय पदार्थ और खाने-पीने की दूसरी चीज़ों की मांग बढऩे से चीनी की मांग भी बढऩा तय है। सरकार को आशंका है कि कुछ बड़े खरीदार पहले से बड़ी मात्रा में चीनी खरीदकर रख सकते हैं जिससे बाजार में सप्लाई पर असर पड़ सकता है और कीमतें बढ़ सकती हैं।

Updated on:
21 Aug 2026 03:25 am
Published on:
21 Aug 2026 03:15 am