
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। फोटो- पत्रिका
राजकोट। भावनगर जिले में नकली शराब मामले में मृतकों की संख्या 8 हो गई है। इनमें हितेश परमार और जय भट्टी शामिल हैं, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। परमार सोनगढ़ के सरकारी स्कूल में शिक्षक बताए जा रहे हैं। दोनों भावनगर जिले के रहने वाले थे। उधर, 31 बीमार लोग भावनगर के अलग-अलग अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। इस मामले में 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। पुलिस ने 21 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकली शराब की खेप जब्त की है। मुख्य आरोपी रईश को इंदौर से पकड़े जाने की जानकारी मिली है। एक अन्य मामले में शराब पीने के बाद सूरत पहुंचे एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में गौतम सोलंकी और मध्य प्रदेश के रईश सहित अन्य आरोपियों की भूमिका रही है। आरोपियों ने नकली शराब तैयार करने के लिए मध्य प्रदेश के उज्जैन से नरेंद्रसिंह यादव उर्फ ‘डॉक्टर’ को बुलाया था। इस मामले में यादव की भी मौत हो गई।
इसके बाद अहमदाबाद से मिथेनॉल, सफेद तरल पदार्थ, खाली बोतलें, ढक्कन और शराब के एक ब्रांड के नकली स्टिकर लाकर भावनगर जिले के वरतेज क्षेत्र में शराब तैयार की जाती थी। जांच में शराब तैयार करने के तीन चरण सामने आए हैं। पहली खेप की 51 पेटियां बेची गईं, जबकि दूसरी खेप को खराब गुणवत्ता के कारण नष्ट कर दिया गया। वहीं तीसरी खेप की 25 पेटियां भावनगर और आसपास के गांवों में बिक्री के लिए भेजी गईं।
वहीं इस मामले में पुलिस महानिदेशक और भावनगर के पुलिस अधीक्षक नितेश पांडे ने एलसीबी के पुलिस निरीक्षक मयूरध्वजसिंह सरवैया, वरतेज थाने के पुलिस निरीक्षक ए.बी. पढेरिया, सहायक उप निरीक्षक धर्मपालसिंह गोहिल, डी-स्टाफ के हेड कांस्टेबल जयराजसिंह और अनिरुद्धसिंह तथा कांस्टेबल शक्तिसिंह सरवैया को निलंबित किया है।
भावनगर जिले में अलग-अलग जगहों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बोटाद और अमरेली से करीब 100 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भावनगर के सर टी. अस्पताल में मरीजों के उपचार के लिए 4 मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं। मरीजों की जान बचाने के लिए मुंबई से विशेष इंजेक्शन मंगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। भावनगर के सर टी. अस्पताल की प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कैरवी देसाई के अनुसार अहमदाबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिजीज एंड रिसर्च सेंटर (आइकेडीआरसी) से किडनी और लीवर के विशेषज्ञ डॉक्टरों को भी बुलाया गया है।
Updated on:
20 Aug 2026 08:26 pm
Published on:
20 Aug 2026 08:15 pm
