
नई दिल्ली। महाराष्ट्र स्थित नांदेड़ में शिरोमणि अकाली दल (SAD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर हमला हुआ है। पुलिस के मुताबिक, गुरुद्वारे के अंदर एक निहंग ने कथित तौर पर कृपाण से बादल पर हमला किया। घटना में बादल के हाथ में चोट लगी है। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है।
जानकारी के अनुसार, सुखबीर सिंह बादल बुधवार को अपने परिवार और करीबी सहयोगियों के साथ तीन दिवसीय दौरे पर नांदेड़ पहुंचे थे। गुरुवार को वह अपनी पत्नी और शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल के साथ गुरुद्वारा साहिब में मौजूद थे। इसी दौरान उन पर एक निहंग ने कथित तौर पर कृपाण से हमला कर दिया।
इस हमले में सुखबीर सिंह बादल और उन्हें बचाने आए उनके सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों को तुरंत पास के ही एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। घटना के बाद गुरुद्वारा परिसर में अचानक भगदड़ और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हमले के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें सुखबीर सिंह बादल एक इमारत के अंदर जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके दाहिने हाथ पर भगवा रंग का कपड़ा बंधा हुआ नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि हमले में इसी हाथ में चोट लगी है।
नांदेड़ पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि गुरुद्वारे के अंदर सुखबीर सिंह बादल पर एक निहंग ने हमला किया। पुलिस ने घटना के बाद एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब हमले के कारणों और पूरी घटना के क्रम की जांच कर रही है।
नांदेड़ में सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले का संज्ञान लिया है। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने नांदेड़ के पुलिस अधीक्षक से फोन पर घटना की जानकारी ली और हमले के पीछे के मकसद की जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हमले के बाद सुखबीर सिंह बादल से फोन पर बातचीत भी की। बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान बादल ने मुख्यमंत्री को अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी और बताया कि उनकी हालत स्थिर है।
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने सुखबीर सिंह बादल पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने घटना को 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक समाज में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।