मंडी जिले के सुंदरनगर की छठी क्लास में पढ़ने वाली मोक्षथिका ने गुल्लक तोड़कर 1660 रुपए निकाले। उसने यह पैसे अपने पिता को दिए और कहा कि इन पैसों से कुछ सामान खरीदकर सराज के आपदा पीड़ितों को भिजवा देना।
हिमाचल (Himachal) में मानसून (Monsoon) की बारिश ने कई इलाकों में तबाही मचाई है। मंडी जिले में आपदा के कारण कई लोग प्रभावित हुए हैं। कई लोगों को विस्थापन का शिकार होना पड़ा है। 20 जून से 6 जुलाई तक बादल फटने (Cloud Brust) की 19 घटनाएं सामने आई है। 23 बार बाढ़ (Flood) और 19 बार लैंडस्लाइड (landslide) हो चुका है। प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 82 लोगों की मौत हुई है। राज्य में पांच रिलीफ कैंप बनाए गए हैं। यह सब खबर सुनकर छठी क्लास की बच्ची ने अपना गुल्लक तोड़ दिया।
मंडी जिले के सुंदरनगर की छठी क्लास में पढ़ने वाली मोक्षथिका ने गुल्लक तोड़कर 1660 रुपए निकाले। उसने यह पैसे अपने पिता को दिए और कहा कि इन पैसों से कुछ सामान खरीदकर सराज के आपदा पीड़ितों को भिजवा देना। उसने अपने पिता से कहा कि मेरे पैसों के साथ-साथ आप और मम्मी भी आपदा पीड़ितों के लिए कुछ योगदान दो। इसके अधिक नहीं लेकिन थोड़ी मदद जरूर हो जाएगी। सभी के सहयोग से हमने सराज के आपदा पीड़ित परिवार के लिए जरूरी सामान की 100 किट तैयार की। फिर हमने वह 100 किट प्रशासन के हवाले किए।
हिमाचल के राजस्व विभाग ने कहा कि बारिश और लैंडस्लाइड के कारण 600 करोड़ से अधिक रुपए का नुकसान हुआ है। प्रशासन ने कहा कि नुकसान का आंकड़ा बढ़ सकता है। राजस्व विभाग के अधिकारी ने कहा कि प्रदेश भर में 164 जानवरों की जान भी आपदा के कारण गई है। 154 मकानों को नुकसान पहुंचा है। 106 पशु घर तबाह हो गए हैं। अधिकारी ने कहा कि राज्य के 14 पुल को नुकसान पहुंचा है। 31 गाड़ियां भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। 1361 बिजली ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं।