बुधवार की सुबह अजित पवार का विमान क्रैश हो गया था। वीटी-एसएसके लेयरजेट 45 बिजनेस जेट में अजीत पवार अपने निजी सुरक्षा अधिकारी विधित जाधव, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर, फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक और केबिन क्रू सदस्य पिंकी माली सहित चार अन्य लोगों के साथ बारामती जा रहे थे।
महाराष्ट्र में उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के महज दो दिन बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नया मोड़ आया है। महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि उन्होंने और प्रफुल्ल तटकरे, मुंडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने कल (शुक्रवार) ही शपथ ग्रहण समारोह सहित सभी औपचारिकताएं पूरी करने की बात की।
भुजबल ने बताया, सीएम ने कहा कि उन्हें कोई समस्या नहीं है। भुजबल ने आगे कहा, किसी की मौत पर कभी तीन दिन, कभी दस दिन का शोक मनाया जाता है, उस दौरान लोग घर से बाहर नहीं निकलते। लेकिन यहां तटकरे और प्रफुल्ल भाई खुद देख रहे हैं। फैसला 1-2 घंटे में आ सकता है।
यह बयान ऐसे समय आया है जब NCP में सुनेत्रा पवार को डिप्टी सीएम बनाने की मांग तेज हो रही है। पार्टी नेता अजित पवार की विरासत को बचाने और महायुति सरकार में प्रभाव बनाए रखने के लिए इस पद को परिवार या वफादार नेता के पास रखना चाहते हैं।
फिलहाल शपथ ग्रहण कल होने की संभावना मजबूत दिख रही है, लेकिन शोक की भावना को देखते हुए अंतिम फैसला जल्द ही सामने आएगा। यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में तेजी से बदलाव का संकेत दे रहा है।
आपको बता दें कि बुधवार की सुबह अजित पवार का विमान क्रैश हो गया था। वीटी-एसएसके लेयरजेट 45 बिजनेस जेट में अजीत पवार अपने निजी सुरक्षा अधिकारी विधित जाधव, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर, फर्स्ट ऑफिसर शांभवी पाठक और केबिन क्रू सदस्य पिंकी माली सहित चार अन्य लोगों के साथ बारामती जा रहे थे। लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया और इस त्रासदी में उन सभी की मौत हो गई।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और त्रासदी के कारणों का पता लगाने के लिए विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है। वहीं दुर्घटना के कई वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सामने आ रहे हैं, जो विमान दुर्घटना के विभिन्न पहलुओं की झलक देते हैं और दुर्घटना को लेकर कई तरह के सिद्धांत भी सामने ला रहे हैं।
इस दुर्घटना ने महाराष्ट्र में राजनीतिक उथल-पुथल मचा दी है, और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) एक नए नेता की तलाश में जुट गई है और अजित पवार के संभावित उत्तराधिकारी की तलाश कर रही है, जो महाराष्ट्र की राजनीति के प्रमुख व्यक्तियों में से एक थे और अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच प्यार से 'दादा' के नाम से भी जाने जाते थे।