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शेख शाहजहां को कलकत्ता हाई कोर्ट का झटका, ED अधिकारी से मारपीट के मामले में जमानत याचिका खारिज

ED अधिकारी से मारपीट के मामले में TMC नेता शेख शाहजहां को बड़ा झटका, कलकत्ता हाई कोर्ट ने गवाहों को प्रभावित करने की आशंका के चलते जमानत याचिका खारिज की।

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भारत

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Devika Chatraj

Mar 19, 2026

कलकत्ता हाई कोर्ट ने खारिज की जमानत याचिका (IANS)

Calcutta High Court Rejected TMC Leader Bail: कलकत्ता हाई कोर्ट से तृणमूल कांग्रेस (TMC) के निलंबित नेता शेख शाहजहां को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। आज यानी गुरुवार को अदालत की एकल-न्यायाधीश पीठ ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। शाहजहां जनवरी 2024 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) अधिकारियों पर हुए हमले के मुख्य आरोपी हैं।

क्या है पूरा मामला?

जनवरी 2024 में ईडी अधिकारी और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान पश्चिम बंगाल में कथित बहु-करोड़ रुपये के सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) घोटाले की जांच के सिलसिले में संदेशखाली स्थित शाहजहां के आवास पर छापेमारी करने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान उनके समर्थकों ने अधिकारियों पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह पीटा।

मामले के बाद बढ़ते गए आरोप

इस घटना के बाद शाहजहां के खिलाफ कई गंभीर आरोप जुड़े, जिनमें अवैध रूप से जमीन पर कब्जा, खेती की जमीन को खारे पानी से भरकर मत्स्य पालन फार्म में बदलना, स्थानीय महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप शामिल है।

पुलिस से CBI तक पहुंचा मामला

शुरुआत में पश्चिम बंगाल पुलिस ने शाहजहां को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंप दी गई थी।

कोर्ट में क्या हुई बहस?

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान CBI के वकील ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने दलील दी कि शाहजहां को जमानत मिलने पर वह गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। साथ ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ की आशंका है। जेल में रहते हुए भी उन्होंने अंडरवर्ल्ड के जरिए मुख्य गवाह के बेटे को धमकाने और हत्या की साजिश रचने की कोशिश की थी।

अदालत का फैसला

जस्टिस सुव्रा घोष ने CBI की दलीलों को स्वीकार करते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, अदालत ने यह भी साफ़ किया कि जांच में प्रगति या नए तथ्य सामने आने पर शाहजहां दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।

गरमाया राजनीतिक विवाद

शुरुआत में तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व, जिसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी शामिल थीं, ने शाहजहां का बचाव किया था। लेकिन संदेशखाली की महिलाओं के लंबे विरोध प्रदर्शन के बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया गया था।

लगातार खारिज हो रही हैं याचिकाएं

आपको बता दें कि शाहजहां पहले भी कई बार अलग-अलग अदालतों में जमानत याचिका दाखिल कर चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया गया है।