Supreme Court on Gujarat Rape Victim: गुजरात की एक रेप पीड़िता को सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात की अनुमति दे दी है। फैसला देते वक्त सर्वोच्च अदालत ने गुजरात हाई कोर्ट के रवैये पर चिंता जाहिर की ।
Supreme Court on Gujarat Rape Victim: रेप के बाद गर्भपात (Abortion) के मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने उस पीड़ित महिला को गर्भपात कराने की इजाजत दे दी, जो 28 हफ्तों की गर्भवती थी। सर्वोच्च अदालत द्वारा ये फैसला पीड़िता का मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद दिया गया। जिसमें साफ़ कहा गया था कि महिला को एबॉर्शन की इजाजत दी सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि गर्भधारण किसी महिला पर उसके साथ हुई बर्बरता की घटना को जिन्दा रखती। इससे पीड़ित महिला के दिमाग पर गहरा असर पड़ता है।
अदालत से क्या कहा गया
जब इस मामले की सुनवाई हो रही थी, तब सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के लेट रवैये पर चिंता जाहिर की। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा- 'गर्भावस्था किसी परिवार के लिए ख़ुशी का स्त्रोत होता है, लेकिन कई बार यह बेहद ही दुखी करने वाला होता है। भारतीय समाज में, विवाह संस्था के भीतर, गर्भावस्था एक जोड़े और समाज के लिए बेहद ही खुशी का पल होता है। लेकिन शादी के बिना या महिला के बिना मर्जी के होने पर उसके मानसिक स्वास्थ्य पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है। इसलिए इस मामले में कोर्ट महिला के गर्भपात की अनुमति देता है।'
इसके साथ ही SC ने गुजरात HC के उस फैसले पर भी नाराजगी जताई, जिसमें उसने गर्भपात को नामंजूर कर दिया था। SC का साफ कहना था कि ऐसे गंभीर मामलों में हमें त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ना कि सामान्य मामला मानकर उदासीन रवैया दिखाना चाहिए। अदालत ने इस मामले में पीड़िता की दोबारा जांच कराने का आदेश दिया था, जिसके बाद आज इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में फैसला सुनाया है।