
हिमाचल के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने काफिले में गाड़ियां कम करने और मंत्रियों-विधायकों की सैलरी कम करने के दिए निर्देश (Photo-X)
CM Sukhu convoy reduction: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और देशभर में ईंधन बचत को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने काफिले का आकार कम करने के निर्देश दिए हैं, वहीं मंत्रियों और विधायकों की सैलरी में भी कटौती लागू कर दी गई है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन और ऊर्जा बचाने की अपील के बाद लिया गया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्यपाल के अपने काफिले की गाड़ियां कम करने के फैसले की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले से ही खर्च घटाने और संसाधनों की बचत करने पर काम कर रही है।
मंडी दौरे के दौरान सीएम सुक्खू ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि वह खुद छोटी इलेक्ट्रिक गाड़ी में चलते हैं, जिससे पेट्रोल का खर्च काफी कम होता है। उन्होंने बताया कि सरकार ने खर्च कम करने के लिए मंत्रियों की सैलरी में 30% और विधायकों की सैलरी में 20% की अस्थायी कटौती भी की है। सुक्खू ने कहा कि सरकार बेवजह खर्च रोकने की कोशिश कर रही है ताकि हिमाचल आर्थिक तौर पर मजबूत और आत्मनिर्भर बन सके।
सीएम सुक्खू ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार के समय जनता के पैसे की खूब बर्बादी हुई। उनके अनुासर हजारों करोड़ रुपये ऐसी इमारतों पर खर्च कर दिए गए, जिनका आज कोई खास फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि बीजेपी फिर से सत्ता में आने के सपने देख रही है, लेकिन पहले उसे जनता का भरोसा जीतना होगा। सुक्खू ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था, लेकिन अब तक राज्य को यह पैसा नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार लगातार राज्य के हक की आवाज उठा रही है और जल्दी ही आर्थिक हालात बेहतर होंगे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या आधी करने के आदेश दिए हैं। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी जरूरी सुरक्षा वाहनों तक ही काफिला सीमित रखने का फैसला लिया है। वहीं ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी अपने सरकारी काफिले को काफी छोटा कर दिया है। दूसरी तरफ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों और नेताओं को बेवजह गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही लोगों से भी ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने की अपील की है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में सिकंदराबाद में लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि देशवासियों को पेट्रोल-डीजल की बचत पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने लोगों से जितना हो सके वर्क फ्रॉम होम अपनाने और अगले एक साल तक विदेश यात्रा कम करने की अपील की। पीएम मोदी ने स्वदेशी सामान इस्तेमाल करने, खाने के तेल की खपत घटाने और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की बात भी कही। उनका कहना था कि अगर देश आयात पर कम निर्भर होगा तो विदेशी मुद्रा की बचत होगी और भारत आर्थिक तौर पर ज्यादा मजबूत बन सकेगा।
Published on:
14 May 2026 03:25 pm
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