
Supreme Court Judges Appointment: सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। कॉलेजियम की सिफारिश में गुजरात हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस जस्टिस अपरेश कुमार सिंह के नाम शामिल हैं।
कॉलेजियम ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए इन तीनों मुख्य न्यायाधीशों के नाम आगे बढ़ाए हैं। जस्टिस सुनीता अग्रवाल वर्तमान में गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले वह इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश के तौर पर कार्य कर चुकी हैं। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। इससे पहले वह बॉम्बे हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। वहीं, जस्टिस अपरेश कुमार सिंह तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं। वह इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट और त्रिपुरा हाईकोर्ट में भी न्यायिक जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।
कॉलेजियम की यह सिफारिश सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया का हिस्सा है। अंतिम नियुक्ति केंद्र सरकार की प्रक्रिया पूरी होने और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद होती है।
जस्टिस अपरेश कुमार सिंह ने दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की और साल 1990 में अधिवक्ता के तौर पर नामांकन कराया। उन्होंने 1990 से 2000 तक पटना हाईकोर्ट में वकालत की। इसके बाद उन्होंने झारखंड हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की और वर्ष 2012 में इसी हाईकोर्ट के न्यायाधीश नियुक्त किए गए। जस्टिस सिंह ने 20 दिसंबर 2022 से 19 फरवरी 2023 तक झारखंड हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद उन्हें त्रिपुरा हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया। उन्होंने 17 अप्रैल 2023 को इस पद की शपथ ली। बाद में उनका तबादला तेलंगाना हाईकोर्ट कर दिया गया, जहां उन्होंने 19 जुलाई 2025 को मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली।
वहीं जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की पढ़ाई की। मई 1991 में उन्होंने अधिवक्ता के रूप में नामांकन कराया। इसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश में लंबे समय तक कानूनी सेवाएं दीं। मई 2007 से नवंबर 2011 में हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में प्रमोट होने तक वह उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ स्टैंडिंग काउंसिल रहे। इसके बाद उन्हें हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया।