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सुप्रीम कोर्ट ने CM मान के OSD से जुड़ी CBI की ‘भ्रष्टाचार’ जांच के खिलाफ याचिका पर सुनवाई टाल दी

Rajbir Ghuman CBI: मुख्यमंत्री मान के OSD राजबीर घुमन से जुड़े CBI जांच मामले में पंजाब सरकार को सुप्रीम कोर्ट से तुरंत राहत नहीं मिली। सुनवाई अब शुक्रवार को होगी।
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Oct 08, 2026
cm bhagwant maan
फोटो में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (सोर्स- ANI)

Bhagwant Mann OSD corruption: पंजाब सरकार को गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट से तुरंत राहत नहीं मिली। आम आदमी पार्टी की सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजवीर घुमन और अन्य लोगों पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की CBI जांच के पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। इस याचिका पर सुनवाई अब शुक्रवार तक के लिए टल गई है।

आज मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने कहा कि केस की फाइल पीठ के पास देर से पहुंची और जस्टिस नागू को कागजात देखने का मौका नहीं मिला। इसलिए अब मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी। इस दौरान पंजाब सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने SC से अपील की कि तब तक किसी जल्दबाजी वाली कार्रवाई से सुरक्षा दी जाए। इस पर बेंच ने कहा कि जब उसने फाइल पढ़ी ही नहीं है, तो अंतरिम आदेश कैसे दें।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, पूरा मामला प्रवर्तन निदेशालय की तीन चिट्ठियों से जुड़ा है। पंजाब के डीजीपी ने ईडी को लिखे पत्र में आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री के OSD राजवीर घुमन और उनके सहयोगी नितिन गोहल व बीर देविंदर भ्रष्टाचार में शामिल हैं। ये ट्रांसफर-पोस्टिंग मामलों में दखल देकर प्रभावित कर रहे हैं। सरकारी टेंडरों में धांधली कर रहे हैं। इस मामले में FIR दर्ज कर जांच की मांग की गई थी, लेकिन पुलिस ने इन चिट्ठियों के आधार पर केस दर्ज नहीं किया था। फिर वकील निकिल सराफ ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की थी। निकिल ने हाईकोर्ट से कहा था कि मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप हैं, इसलिए पंजाब पुलिस और विजिलेंस के प्रभाव से मुक्त, निष्पक्ष जांच जरूरी है। हाईकोर्ट ने CBI को केस दर्ज करने और दो महीने में स्थिति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही पंजाब सरकार और पुलिस को जांच एजेंसी का पूरा सहयोग करने को कहा है।

सीबीआई की कार्रवाई जारी

हाईकोर्ट का फैसला आते ही सीबीआई ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू कर दी। बीते मंगलवार को सीबीआई ने चंडीगढ़ और पंजाब में आठ ठिकानों पर छापेमारी की। चंडीगढ़ के सेक्टर 2 स्थित मुख्यमंत्री का कैंप ऑफिस, साथ ही संगरूर और मोहाली में घुमन से जुड़े परिसर शामिल थे। बुधवार को घुमन और उनके अन्य सहयोगियों को चंडीगढ़ में CBI दफ्तर में पेश होने के लिए बुलाया गया।

सीबीआई की कार्रवाई पर क्या बोली AAP

सीबीआई की कार्रवाई को लेकर आम आदमी पार्टी ने हमला बोला है। आप ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर मान की छवि खराब करना चाहती है। मान ने बुधवार को कहा कि वे किसी जांच से नहीं डरते। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, कई बार कोशिश के बावजूद छहों आरोपियों से संपर्क नहीं हो सका।

किन-किन पर लगे हैं आरोप

राजबीर सिंह घुमन - राजबीर घुमन सीएम भगवंत मान के सबसे करीबियों में से एक हैं। वह मान के साथ जुड़ने से पहले संगरूर के एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थे। मान के संगरूर सांसद रहने के समय से उनका साथ रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि तबादलों, तैनातियों और दूसरे कामों के अनुरोध नितिन गोहल के जरिए घुमन तक पहुंचाए जाते थे।

नितिन गोहल - नितिन गोहल को इस भ्रष्टाचार मामले में बिचौलिया बताया जा रहा है। ED के अनुसार, उनके जब्त फोन में सितंबर 2023 से मार्च 2026 के बीच तबादलों-तैनातियों से जुड़ी 21 वॉट्सऐप चैट मिलीं। 11 अन्य चैट को एजेंसी ने नीति निर्माण, विभागीय नियमों में बदलाव, प्रशासनिक मंजूरी, टेंडर शर्तों और लाइसेंस जैसे मामलों से जुड़ी थी।

जितिन गोहल- जितिन गोयल जालंधर में मार्कफेड के मैनेजर हैं। CBI ने उनके ठिकाने पर भी तलाशी ली। प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि नितिन ने डॉ. महाजन और घुमन के जरिए भाई को CMO में लगवाया। एजेंसी ने 23 जनवरी 2026 की एक वॉट्सऐप बातचीत का हवाला दिया है। वह ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल था।

डॉ. रोमी राजा महाजन- महाजन सितंबर में गुरदासपुर के डिप्टी मेडिकल कमिश्नर पद से रिटायर हुए। वे MBBS डॉक्टर हैं और गुरदासपुर सिविल अस्पताल में सेवा दे चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार वे भी CMO से संबद्ध थे। एक वरिष्ठ अफसर ने उन्हें बेहद सक्रिय बताया और कहा कि वे तबादलों को लेकर अफसरों को अक्सर फोन करते थे। ED ने तैनातियों पर महाजन और नितिन गोहल के बीच कथित बातचीत का जिक्र किया है।

बीर देविंदर- ED के दस्तावेजों में नितिन गोहल ने कहा है कि वे उन्हें 2004 से जानते हैं और दोनों एक कंपनी में साझेदार थे। एक ट्रैवल एजेंट के बही-खाते के हवाले से एजेंसी ने आरोप लगाया है कि नितिन ने घुमन और देविंदर के लिए हवाई टिकट और होटल का इंतजाम किया, जिसका भुगतान कथित तौर पर नकद में हुआ।

नगरा- पटियाला के नाभा रोड इलाके के रहने वाले नगरा चावल की शेलिंग का कारोबार करते हैं। उनका कथित जुड़ाव मुख्य रूप से नितिन गोहल के जरिए है। गोहल ने ED को बताया कि वे 2022-23 में एक साझा दोस्त के जरिए नगरा से मिले और उसके बाद नगरा ने वॉट्सऐप पर तबादलों-तैनातियों के अनुरोध भेजे।

Updated on:
08 Oct 2026 01:39 pm
Published on:
08 Oct 2026 01:39 pm
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