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Mercy petitions : मौत की सजा पाने वालों की दया याचिकाओं के जल्द निपटारे के लिए Supreme Court ने राज्यों को दिया ये निर्देश

सुप्रीम कोर्ट की तीन जज की बेंच ने कहा कि यदि पुनर्विचार/सुधारात्मक याचिकाओं या दया याचिकाओं के लंबित रहने के बारे में जानकारी प्राप्त होती है तो सेशन कोर्ट एक महीने के अंतराल के बाद निपटाए गए मामले को सूचीबद्ध करता रहेगा, जिससे उसे लंबित याचिकाओं की स्थिति के बारे में जानकारी मिल सके। इससे सेशन कोर्ट को सभी कार्यवाही समाप्त होते ही मृत्युदंड के निष्पादन के लिए वारंट जारी करने में मदद मिलेगी।
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Supreme Court
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Mercy petitions for death sentences: सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मौत की सजा पाने वाले अपराधियों की दया याचिकाओं पर शीघ्र कार्यवाही के लिए सभी राज्यों में विशेष प्रकोष्ठ गठन के निर्देश दिए हैं। यह प्रकोष्ठ निर्धारित समय सीमा के भीतर दया याचिकाओं के त्वरित निपटान के लिए जिम्मेदार होगा।

तीन बेंच की जज ने दिए निर्देश

सुप्रीम कोर्ट(Supreme Court) के जस्टिस अभय एस.ओका, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने कहा कि मौत की सजा की पुष्टि का आदेश मिलने के साथ ही सैशन कोर्ट को तत्काल सरकारी अभियोजक को नोटिस जारी कर लंबित अपीलों, समीक्षा/सुधारात्मक याचिका या दया याचिका के बारे में जानकारी मांगनी चाहिए।

दया याचिकाओं के लिए जारी की गाइडलाइन

इसके साथ ही सभी कानूनी रास्ते समाप्त हो जाने के बाद समय पर वारंट जारी करने के लिए लंबित कार्यवाही की समय-समय पर निगरानी करनी चाहिए। कोर्ट ने दया याचिकाओं के जल्दी निपटारे के लिए गाइडलाइन भी जारी की है।

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Updated on:
10 Dec 2024 02:43 pm
Published on:
10 Dec 2024 02:43 pm