
Supreme Court appointments 2026: सुप्रीम कोर्ट में अब जजों की संख्या बढ़ने जा रही है। केंद्र सरकार ने सोमवार को तीन हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त करने की अधिसूचना जारी कर दी।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन नियुक्तियों का रास्ता साफ हो गया है। तीनों नए जजों के शपथ लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में कार्यरत जजों की संख्या 34 से बढ़कर 37 हो जाएगी।
इन नियुक्तियों को ऐसे समय में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जब सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या हाल ही में बढ़ाई गई है। अब शीर्ष अदालत में कुल 38 जजों की जगह है, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं।
केंद्र के कानून एवं न्याय विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, गुजरात हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सुनीता अग्रवाल, दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तेलंगाना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अपरेश कुमार सिंह को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया गया है।
राष्ट्रपति ने संविधान के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए इन नियुक्तियों को मंजूरी दी है। अब तीनों न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट में पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद औपचारिक रूप से अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगे।
इन तीनों नामों की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 28 सितंबर को की थी। कॉलेजियम की सिफारिश के बाद केंद्र की मंजूरी और राष्ट्रपति की स्वीकृति से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी हुई है।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की नियुक्ति की प्रक्रिया में कॉलेजियम की सिफारिश अहम भूमिका निभाती है। इसके बाद केंद्र सरकार नियुक्ति से जुड़ी औपचारिक प्रक्रिया पूरी करती है और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी होती है।
तीनों नए जजों के शपथ लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट में 37 जज हो जाएंगे। फिलहाल अदालत में 34 जज काम कर रहे हैं। इसका मतलब है कि नई नियुक्तियों के बाद शीर्ष अदालत में स्वीकृत 38 पदों में से केवल एक पद खाली रहेगा।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का फैसला हाल में लिया गया था। इससे पहले शीर्ष अदालत में मुख्य न्यायाधीश समेत कुल 34 जजों की स्वीकृत संख्या थी। सुप्रीम कोर्ट अमेंडमेंट एक्ट, 2026 के बाद इसे बढ़ाकर 38 कर दिया गया।