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NEET पेपर लीक प्रदर्शनकारियों पर FIR रद्द करने के फैसले पर मोदी सरकार की आई प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

NEET Paper Leak Protest: केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि हमने पहले ही इसको लेकर आश्वासन दे दिया था।
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Sep 01, 2026
JP Nadda
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जेपी नड्डा ने किया स्वागत (Photo-IANS)

JP Nadda NEET Protest FIR: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को देशभर में नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर को रद्द करने का निर्देश दिया है। अब इस पर मोदी सरकार ने प्रतिक्रिया दी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। 

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने का आश्वासन पहले ही दे चुकी थी। उन्होंने कहा कि सरकार ने भाजपा शासित राज्यों की सरकारों से भी इस संबंध में चर्चा की है और अब उस आश्वासन को पूरा किया जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने के फैसले का भी स्वागत किया। नड्डा ने भरोसा दिलाया कि जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों में शामिल लोगों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।

CJP ने क्यों वापस लिया विरोध मार्च?

बता दें कि सीजेपी ने दिल्ली में 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने का फैसला केंद्र सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की दिशा में उठाए गए कदमों के बाद लिया।

CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि केंद्र की ओर से मामलों को वापस लेने के लिए शुरू की गई प्रक्रिया को देखते हुए पार्टी ने मार्च वापस लेने का निर्णय किया है।

CJP प्रवक्ता ने क्या कहा? 

सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने फेसियल रिकग्निशन तकनीक के आधार पर यह आशंका जताई थी कि प्रदर्शन स्थल पर करीब 2,800 कथित आदतन अपराधी मौजूद थे। सरकार के साथ बातचीत के दौरान हमने तर्क दिया कि यदि वास्तव में 2,800 आदतन अपराधी वहां मौजूद थे, तो पहला सवाल यह है कि वे पहले से ही समाज में खुलेआम क्यों घूम रहे थे।

दास ने कहा कि दूसरा, यदि उन्होंने प्रदर्शन स्थल पर बलात्कार, हत्या या किसी अन्य गंभीर अपराध जैसी वारदात को अंजाम दिया है, तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की जानी चाहिए और दोष साबित होने पर उन्हें जेल भेजा जाना चाहिए।

सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि  इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि दिल्ली में करीब 2,800 चिन्हित आदतन अपराधियों के संबंध में जांच के लिए एक अलग और नई एफआईआर दर्ज की जाए। इस मुद्दे का अब समाधान हो गया है।

उन्होंने कहा कि हमने सरकार से यह भी आग्रह किया था कि वह सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह स्पष्ट आश्वासन दे कि पीड़ित परिवारों को सम्मानजनक राशि के रूप में मुआवजा 90 दिनों के भीतर दिया जाएगा और यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाएगी। सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट के समक्ष यह आश्वासन दिया, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए अपने आदेश में शामिल कर इसे न्यायिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।

Updated on:
01 Sept 2026 05:53 pm
Published on:
01 Sept 2026 05:52 pm