
लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य
Rohini Acharya on PM Narendra Modi Speech: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक को लेकर लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने निशाना साधा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक मंचों पर विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के साथ बातचीत के दौरान भी प्रधानमंत्री का हिंदी में भी नोट्स या पुर्जी देखकर बोलना देश की साख को प्रभावित करता है।
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में लिखा, "हिंदी में भी प्रधानमंत्री का पुर्जी से पढ़-पढ़ कर बोलना राष्ट्रीय शर्म का विषय है। यह देश के लिए शर्म की बात है कि देश के प्रधानमंत्री बिना पुर्जी और टेलीप्रॉम्प्टर की मदद के एक शब्द हिंदी में भी नहीं बोल सकतेl यहां तक कि दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों से बातचीत करते समय भी प्रधानमंत्री का अपनी ही भाषा हिंदी में पुर्जी देखकर बोलना राष्ट्रीय शर्म की बात है।"
रोहिणी ने आगे लिखा, "देश और दुनिया में अपनी काबिलियत का ढोल पीटने वाले अगर वैश्विक मंचों पर भी अपनी ही भाषा में बिना किसी मदद के दो शब्द सहजता से न बोल पाएं, तो ये देश की किरकिरी कराने जैसी ही बात है l हमारे देश की पहचान हमारी भाषाई विविधता है, ऐसे में अगर हमारे प्रधानमंत्री की हिंदी भी अगर पुर्जी की मोहताज हो जाए, तो सवाल उनके भाषाई ज्ञान और शैक्षिणक योग्यता का नहीं, देश की प्रतिष्ठा का बन जाता है।"
गौरतलब है कि SCO शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच लगभग 10 मिनट की द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे का अभिवादन किया। बैठक के दौरान द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक स्थिति और यूक्रेन युद्ध पर गहन चर्चा हुई।
बैठक के दौरान, प्रधानमंत्री मोदी ने शांति का संदेश देते हुए कहा कि दुनिया को अंतहीन युद्धों से आगे बढ़कर समाधान खोजने और शांति स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत दोनों पक्षों के बीच स्थायी शांति बहाल करने के उद्देश्य से किए जा रहे सभी अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का पूरा समर्थन करता है।
Updated on:
01 Sept 2026 05:20 pm
Published on:
01 Sept 2026 05:20 pm
