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‘अगर 2800 अपराधी थे तो खुले क्यों घूम रहे थे?’, दिल्ली पुलिस के दावे पर बोले CJP प्रवक्ता सौरव दास, मुआवजे पर भी बड़ा अपडेट

CJP प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस के 2,800 से ज्यादा कथित गंभीर अपराधियों के दावे पर सवाल उठाया। सुप्रीम कोर्ट ने 2,873 लोगों की अलग जांच की अनुमति दी है।
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भारत

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Rahul Yadav

Sep 01, 2026

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CJP नेता सौरव दास (फाइल फोटो - आईएएनएस)

CJP Saurav Das: सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के फैसले के बाद सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दिल्ली पुलिस के 2,800 से ज्यादा कथित गंभीर अपराधियों वाले दावे पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि अगर ये लोग वाकई गंभीर अपराधी थे और प्रदर्शन स्थल पर मौजूद थे तो सबसे पहले यह सवाल उठना चाहिए कि वे समाज में खुले क्यों घूम रहे थे। सौरव दास ने कहा कि अगर इन लोगों ने प्रदर्शन स्थल पर ज्यादती, हत्या या कोई अन्य गंभीर अपराध किया है तो उनके खिलाफ जांच और कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसे लोगों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए।

2,873 लोगों पर अलग एफआईआर की अनुमति

दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से 2,873 ऐसे लोगों की भूमिका की जांच के लिए अलग एफआईआर दर्ज करने की अनुमति मांगी थी, जिन्हें गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि वाला बताया गया है। पुलिस ने इन लोगों की पहचान प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों के तौर पर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मांग को मंजूर कर लिया। अदालत ने दिल्ली पुलिस को इन 2,873 लोगों के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज करने की अनुमति दी है। हालांकि, इस एफआईआर की जांच प्रदर्शन के दौरान शारीरिक नुकसान पहुंचाने या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े आरोपों तक सीमित रहेगी।

सौरव दास ने इसी मुद्दे पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इन लोगों के खिलाफ पहले से गंभीर आपराधिक मामले थे तो उन्हें खुले तौर पर घूमने की अनुमति कैसे मिली। वहीं, अगर प्रदर्शन के दौरान उन्होंने कोई गंभीर अपराध किया है तो उसकी जांच होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों की एफआईआर रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने 20 से 25 जुलाई के बीच हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़ी एफआईआर को लेकर बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए इन मामलों को बंद करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि इन प्रदर्शनों से जुड़ी एफआईआर की जांच या कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में उसी अवधि के प्रदर्शन से जुड़ी ऐसी एफआईआर को भी आगे नहीं चलाया जाएगा। साथ ही इन घटनाओं को लेकर नई एफआईआर दर्ज करने पर भी रोक लगाई गई है। 2,873 लोगों वाली अलग एफआईआर को इसका अपवाद रखा गया है।

मुआवजे पर भी बड़ा अपडेट

सौरव दास ने मुआवजे के मुद्दे पर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीजेपी ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट के सामने प्रभावित परिवारों को सम्मानजनक मुआवजा देने का स्पष्ट आश्वासन देने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को तीन महीने के भीतर नीट मामले में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने के लिए नीति तैयार करने का निर्देश दिया है। इस नीति को संबंधित राज्य सरकारों और लागू करने वाली एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा ताकि उसके आधार पर मुआवजे की व्यवस्था लागू की जा सके।

5 सितंबर का मार्च भी वापस

सुप्रीम कोर्ट के आदेश और केंद्र सरकार के आश्वासनों के बाद सीजेपी ने 5 सितंबर को प्रस्तावित दिल्ली मार्च वापस ले लिया है। सौरव दास ने अदालत में संगठन की ओर से इस फैसले की जानकारी दी। सीजेपी ने 5 सितंबर को इंडिया गेट से नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। संगठन का आरोप था कि सरकार ने जुलाई में किए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किया। मंगलवार की सुनवाई के बाद सीजेपी ने कहा कि अब वह सुप्रीम कोर्ट के आदेश और सरकार के आश्वासनों का पालन होने की उम्मीद कर रही है।