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CJP-AAP Bonding: अभिजीत दिपके और केजरीवाल: ये रिश्ता क्या कहलाता है?

CJP-AAP Bonding: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP और आम आदमी पार्टी के बीच कथित राजनीतिक नजदीकी चर्चा में है। अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज की ओर से CJP के प्रदर्शनों और उससे जुड़े मामलों पर सामने आए समर्थन ने इस सवाल को और चर्चा में ला दिया है कि क्या CJP को AAP का समर्थन महज मुद्दों तक सीमित है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक समीकरण है।
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अरविंद केजरीवाल और अभिजीत दीपके। फोटो सोर्स- पत्रिका न्यूज

CJP-AAP Bonding: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन हुआ, उम्मीद से ज्यादा भीड़ जुटी और वो हो गया जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी यानी शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा। इसके बाद से एक सवाल फिजा में तैर रहा है कि क्या कॉकरोच जनता पार्टी, अरविंद केजरीवल के दिमाग की उपज है? क्या CJP आम आदमी पार्टी की B टीम है? ऊपरी तौर पर बस इतना नजर आता है कि CJP फाउंडर अभिजीत दिपके किसी जमाने में AAP के लिए काम करते थे। लेकिन जिस तरह का सपोर्ट CJP को केजरीवाल ने ऑफर किया है, उसे देखकर यही समझ आता है कि रिश्ता महज इतना भर नहीं है।

केजरीवाल का अपनापन

प्रोटेस्ट के दौरान केजरीवाल जंतर-मंतर आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाने पहुंचे, उनके दूसरे नेता भी गए। जबकि राहुल गांधी जैसे तमाम विपक्षी नेताओं से दूरी बनाए रखी। इधर CJP का बयान आता और उधर केजरीवाल की प्रतिक्रिया। उनकी पार्टी के नेता संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज द्वारा X पर CJP के कार्यक्रमों का प्रचार तक किया गया। ये समर्थन महज कभी-कभार दिखाई देने वाली एकजुटता की अभिव्यक्ति नहीं रहा।

इसके बजाए, यह एक लगातार और स्पष्ट राजनीतिक समर्थन के रूप में सामने आया है। हाल ही में जब जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पीएम मोदी के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वाली 15 वर्षीय लड़की का नया वीडियो सामने आया, तो उसे शेयर करने वालों में आम आदमी पार्टी भी शामिल रही। X पर AAP के आधिकारिक हैंडल पर लिखा गया- किसी को इतना मत डराओ कि उसका डर ही खत्म हो जाए। इसके तुरंत बाद AAP के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा- इस 15 साल की बच्ची की जिंदगी मोदी की ट्रोल आर्मी ने नरक बना दी है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री 15 साल की बच्ची से लड़ रहे हैं। क्या स्थिति हो गई है।

CJP के प्रदर्शन से जुड़े नाबालिगों के समर्थन में AAP और उसके प्रमुख सांसद की पोस्ट्स इतनी तेजी से सामने आने से इस मामले की गूंज दूर तक सुनाई दी। इसी तरह, जब 21 अगस्त को CJP के आशुतोष रांका के साथ राजस्थान के जयपुर में कथित तौर पर मारपीट का मामला सामने आया, तो केजरीवाल ने उसे पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने सवाल किया कि देश में क्या हो रहा है? साथ ही उन्होंने हमलावरों को बीजेपी के गुंडे बताने में भी देर नहीं की। मालूम हो कि AAP के शुरुआती दिनों में अच्छे स्कूल, बच्चों का भविष्य और शिक्षा में सुधार केजरीवाल की राजनीति के प्रमुख मुद्दे हुआ करते थे। अभिजीत दिपके की CJP भी बिल्कुल उसी राह पर चल रही है।

15 जून को केजरीवाल ने दिपके पर जयपुर में हुए हमले की भी निंदा की थी। जयपुर में नीट-यूजी पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन के दौरान CJP समर्थक दिपके को कंधों पर लेकर जा रहे थे, तभी दो लोगों ने उन्हें कई बार थप्पड़ मारे। उन्होंने X पर लिखा - मैं CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके पर हुए हमले की कड़ी निंदा करता हूं। आप उनसे  असहमति रख सकते हैं, लेकिन इससे आपको हमले का अधिकार नहीं मिल जाता। अपने इस पोस्ट के जरिए केजरीवाल ने हिंसा की निंदा तो की ही, साथ ही दिपके के समर्थक और रक्षक के तौर पर भी नजर आए। 

संजय सिंह भी बने आवाज

केजरीवाल की तरह पार्टी सांसद संजय सिंह भी लगातार CJP का समर्थन करते आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर CJP के अभियानों की गूंज दूर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने 15 अगस्त को जयपुर में रांका और CJP समर्थकों पर कथित हमले का मुद्दा उठाया। इसके बाद पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा में कथित हमले को लेकर आशुतोष रांका के पोस्ट को शेयर किया। सिंह का जुड़ाव केवल कथित हमलों पर प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं रहा। 21 जुलाई को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए CJP के प्रदर्शन का भी जिक्र किया।

पुलिस तक पहुंची AAP

गौर करने वाली बात ये है कि CJP के प्रति AAP का समर्थन केवल ट्वीट, रीट्वीट और बयानों तक सीमित नहीं रहा। 28 जुलाई को दिल्ली AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और पार्टी विधायक कुलदीप कुमार ने दिल्ली पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा से मुलाकात की और संसद मार्ग थाने में सत्याम पंडित नामक व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। सत्याम पंडित पर दो CJP प्रोटेस्ट का हिस्सा रहे दो नाबालिग लड़कों से मारपीट का आरोप था। यानी दिल्ली के पूर्व मंत्री खुद CJP के प्रदर्शन से जुड़े मामले को पुलिस तक लेकर गए। बात इतनी नहीं है, CJP का प्रदर्शन खत्म होने के बाद 31 जुलाई को भारद्वाज ने प्रदर्शनकारियों को यह भरोसा भी दिलाया कि अगर उन्हें डराया-धमकाया गया तो AAP उनके साथ खड़ी रहेगी। इसके अलावा, जब CJP की फंडिंग पर सवाल उठे, तो भारद्वाज ने PM CARES फंड और CJP के फंड, दोनों का सार्वजनिक ऑडिट कराने की मांग कर डाली।

इसे एक उद्देश्य के लिए, एक जैसी विचारधारा वालों का साथ आना कहा जा सकता है, लेकिन CJP को AAP बढ़-चढ़कर समर्थन इस कहानी को थोड़ा पेचीदा बना रहा है। संभव है कि भविष्य में केजरीवाल की तरह अभिजीत दिपके की राजनीतिक महत्वकांक्षा जाग जाए।

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