
Child Kidnapping-Human Trafficking Case: बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। बच्चों की किडनैपिंग, ट्रैफिकिंग और शोषण के मामलों को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने केंद्र और संबंधित अथॉरिटी को नोटिस भी जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि बच्चों को कई तरह के अपराधों और शोषण का शिकार बनाया जा रहा है। बच्चों की किडनैपिंग के बाद उन्हें अवैध तरीके से गोद देने से लेकर मजदूरी और भीख मांगने तक के काम में धकेला जाता है। याचिकाकर्ता अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग ने अब कई रूप ले लिए हैं। बच्चों को यौन शोषण, जबरन मजदूरी और बाल विवाह जैसे मामलों में भी फंसाया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के 2025 के पिंकी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के फैसले का भी हवाला दिया। इसमें बच्चों की तस्करी से जुड़े गंभीर पहलुओं पर ध्यान दिया गया था।
याचिका में बच्चों से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक समान सिस्टम बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही मजबूत सुरक्षा उपाय लागू करने की बात कही गई है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने ऐसे मामलों को उस लंबित मामले से जोड़ने की मांग भी की, जिसमें सुप्रीम कोर्ट गुमशुदा लोगों के मामलों में FIR दर्ज करने की प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है। उनका कहना था कि पहले बच्चों के गायब होने पर सिर्फ ‘गुमशुदगी’ की रिपोर्ट दर्ज की जाती थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद FIR दर्ज करने पर जोर दिया गया है।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया है।
सुनवाई के दौरान जस्टिस वी. मोहना ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए सरकार पहले से कई योजनाएं और पहल चला रही है। इनमें बेटी बचाओ जैसी योजनाएं भी शामिल हैं। सरकार की ओर से कई दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र से जवाब मांग लिया। अब सरकार को बताना होगा कि बच्चों की किडनैपिंग, ट्रैफिकिंग और शोषण रोकने के लिए मौजूदा व्यवस्था कितनी प्रभावी है और इसे और मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
बता दें हाल में दिल्ली में हुए बच्चों की गुमशुदगी का मामला गरमाया था। आप ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा था।