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ट्रायल कोर्ट के मुकदमा सुनने से इनकार करने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, जज बोले- मजिस्ट्रेट के आदेश का तरीका देखकर दुख हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने एक ट्रायल कोर्ट के मजिस्ट्रेट के रवैये पर नाराजगी जताई है। मजिस्ट्रेट ने सुप्रीम कोर्ट की समय सीमा में मुकदमे का निपटारा नहीं होने पर मामला सुनने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगा है और कहा है कि समय बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए था।

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Oct 01, 2025
सुप्रीम कोर्ट। (X)

सुप्रीम कोर्ट की ओर से दी गई समय सीमा में मुकदमे का निपटारा नहीं होने पर पश्चिम बंगाल के एक ट्रायल कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने आगे मामला सुनने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने इस रवैये पर दुख और नाराजी जताते हुए मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें मजिस्ट्रेट के आदेश का तरीका देखकर दुःख हुआ है।

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यदि किसी कारणवश, मजिस्ट्रेट इस अदालत की ओर से तय समयावधि में मामले का निपटारा नहीं कर पाते, तो उन्हें समय बढ़ाने का अनुरोध करना चाहिए था, लेकिन वे यह नहीं कह सकते कि उन्होंने मामले पर अधिकार क्षेत्र खो दिया है।

छह सप्ताह में मामले का निपटारा करने के लिए दिए थे निर्देश

दरअसल शीर्ष अदालत ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को छह सप्ताह में मामले का निपटारा करने के निर्देश दिए थे। समयावधि निकलने पर ट्रायल कोर्ट के मजिस्ट्रेट ने आदेश पारित किया गया कि चूंकि वह निर्धारित समय सीमा में निपटारा करने में असमर्थ हैं, इसलिए उनके पास इस मामले पर अधिकार क्षेत्र समाप्त हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल जज के इस असामान्य आदेश पर संबंधित जिला जज को निर्देश दिया कि वे संबंधित जज से स्पष्टीकरण मांगें और एक महीने के भीतर इस अदालत को रिपोर्ट दें।

कब-कब सुप्रीम कोर्ट हुआ नाराज

सितंबर 15, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के मामले में केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।

कोर्ट ने कहा कि सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी पुलिस हिरासत में होने वाली अमानवीय घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अनिवार्य है।

सितंबर 20, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झारखंड के शिक्षक नाराज हो गए, जब कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने से पहले से नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने को अनिवार्य करने का आदेश दिया।

सितंबर 26, 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड राज्य चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में डबल एंट्री के चलते 2 लाख रुपए जुर्माना लगाया। कोर्ट ने कहा कि आयोग ने वैधानिक प्रावधान के विपरीत फैसला लिया था।

Published on:
01 Oct 2025 08:21 am
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