सियासी हलकों में चर्चा है कि सुप्रिया सुले विलय न होने की बड़ी वजह हैं। NCP अजित गुट के नेता नहीं चाहते हैं कि पार्टी का विलय हो। पढ़ें पूरी खबर
अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र में सियासी हलचल तेज है। आज एनसीपी की विधायक दल की बैठक होनी है। इस बैठक में अजित पवार की पत्नी व राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जाना है। महायुति की सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जाने की संभावना है। चर्चा है कि सुनेत्रा को महायुति की सरकार में आबकारी और खेल विभाग का जिम्मा मिल सकता है। वहीं, वित्त विभाग की जिम्मेदारी अब सीएम देवेंद्र फडणवीस के पास रहेगी।
शुक्रवार को खबर सामने आई थी कि NCP और NCP (SP) का 8 विलय फरवरी को विलय होने वाला था। इसे लेकर कई दौर की मीटिंग भी अजित पवार और शरद पवार गुटों के बीच हुई थी। लेकिन बुधवार को उनके निधन के बाद अब दोनों पार्टियों के मर्जर पर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। अब खबर सामने आ रही है कि एनसीपी (शरद पवार) सांसद सुप्रिया सुले विलय में बड़ी बाधा बन रही हैं। सियासी हलकों में चर्चा है कि NCP (अजित गुट) के नेता व विधायक नहीं चाहते हैं NCP (शरद गुट) का विलय हो। वह सुप्रिया के कामकाज के तरीकों से खुद को असहज महसूस करते हैं।
वहीं, दूसरी तरफ एनसीपी-एसपी के सुप्रीमो शरद पवार ने कहा है कि उन्हें सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीपी ने ही यह फैसला लिया होगा। बारामती में पत्रकारों से बात करते हुए शरद पवार ने कहा, "पार्टी (एनसीपी) ने फैसला किया होगा। मुझे लगता है कि कुछ लोगों ने ऐसे फैसले लिए हैं, जैसे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे। पार्टी ने अंदरूनी तौर पर कुछ फैसला किया होगा।"
उन्होंने आगे कहा कि पार्टी (एनसीपी) उन्हें चलानी है। प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे नेताओं के पास ये फैसले लेने का अधिकार है। मैं उनके अंदरूनी फैसलों पर कोई कमेंट नहीं करूंगा। हमारे राजनीतिक रास्ते अलग हैं, जबकि परिवार दुख में एक साथ खड़ा है। अगर कोई परेशानी परिवार के अंदर होती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पवार परिवार से कोई इस समारोह में शामिल होगा? शरद पवार ने कहा, "हमें शपथ ग्रहण के बारे में नहीं पता। हमें इसके बारे में खबरों से पता चला। मुझे शपथ ग्रहण के बारे में कोई जानकारी नहीं है।"
एनसीपी के दो गुटों के विलय पर उन्होंने कहा कि अजित पवार और जयंत पाटिल के बीच फिर से एक होने को लेकर पॉजिटिव बातचीत हुई। उन्होंने दावा किया कि फिर से एक होना लगभग फाइनल हो गया था और डिप्टी सीएम 12 फरवरी को इसकी आधिकारिक घोषणा करने वाले थे।
शरद पवार ने साफ किया कि जब बातचीत हो रही थी, तो वह सीधे तौर पर बातचीत में शामिल नहीं थे। इसे अजित पवार और जयंत पाटिल ने लीड किया था। उन्होंने कहा, "यह अजित पवार की इच्छा थी कि दोनों एनसीपी एक साथ आएं और यह हमारी भी इच्छा थी।" उन्होंने कहा कि विमान दुर्घटना में अजित पवार के अचानक निधन के बाद विलय की बातचीत में ब्रेक लग गया है। आगे क्या करना है, यह अब दोनों तरफ के नेताओं पर निर्भर करेगा।