West Bengal News: पश्चिम बंगाल में शुभेन्दु सरकार ने 'डिटेक्ट, डिलिट एंड डिपोर्ट' नीति लागू की है, जिसके तहत पुलिस घुसपैठियों को सीधे BSF को सौंपेगी।
Suvendu Adhikari Govt Action on Illegal Infiltrators: पश्चिम बंगाल सरकार ने अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए नया तंत्र लागू कर दिया है। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी ने बुधवार को घोषणा की कि राज्य पुलिस द्वारा पकड़े गए घुसपैठियों को अब सीधे बीएसएफ को सौंपा जाएगा जो उन्हें बांग्लादेश (बीजीबी) के हवाले कर डिपोर्ट करेगा।
इस व्यवस्था को 'डिटेक्ट, डिलिट एंड डिपोर्ट' फ्रेमवर्क का हिस्सा बताया गया है। शुभेन्दु अधिकारी ने कहा कि सीएए के तहत आने वाले समुदायों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) को इससे बाहर रखा गया है जो 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए।
बाकी सभी को अवैध घुसपैठिया माना जाएगा। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने केंद्र के 14 मई 2024 के पत्र को लागू नहीं किया और उसका भी विरोध किया। अब नई सरकार ने इसे तुरंत लागू कर दिया है।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कथित 43 संपत्तियों की लिस्ट को लेकर घमासान मच गया है। ये संपत्तियां उनके परिवार, सहयोगियों और संयुक्त स्वामित्व में बताई गई हैं। इस लिस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा सयानी घोष नाम की महिला के साथ संयुक्त संपत्ति को लेकर हो रही है।
अटकलें लगाई गईं कि यह नाम जादवपुर की टीएमसी सांसद सायोनी घोष का हैं। वहीं सायोनी घोष ने साफ इनकार किया। सायोनी ने लिखा कि यह निश्चित रूप से वह सायोनी घोष नहीं है, जिसने साधारण पृष्ठभूमि से शुरुआत की और राजनीति से कोई अचानक फायदा नहीं लिया। उन्होंने झूठी खबर फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और कहा कि उनकी सारी संपत्ति चुनावी हलफनामे में घोषित है।