
शुभेन्दु अधिकारी (Suvendu Adhikari) जब से पश्चिम बंगाल (West Bengal) के सीएम बने हैं, तभी से एक्शन मोड में हैं। टीएमसी (TMC) की सरकार के दौरान राज्य में भ्रष्टाचार काफी फैल गया था, जिस पर नकेल कसने के लिए बीजेपी सरकार (BJP Government) ने सख्त रुख अपना रखा है। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ बीजेपी सरकार ने मिशन शुरू कर दिया है, जिसके तहत अब तक टीएमसी के कई नेताओं और पार्षदों के खिलाफ लगातार कार्रवाई हो रही है। अब पुलिस ने दो टीएमसी पार्षदों को गिरफ्तार किया है।
पिछले 24 घंटे में पुलिस ने टीएमसी के दो पार्षदों को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया है। पहले मामले में पुलिस ने कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 36 के पार्षद सचिन सिंह (Sachin Singh) को गिरफ्तार किया। दूसरे मामले में कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के वार्ड नंबर 106 के पार्षद अरिजीत दास ठाकुर (Arijit Das Thakur) को गिरफ्तार किया। दोनों के खिलाफ पार्किंग ऑपरेटर्स, दुकानदारों और विभिन्न विकास परियोजनाओं से जबरन पैसे वसूलने के मामलों में कई शिकायतें थीं। बताया जा रहा है कि दोनों ने अपने क्षेत्रों में वर्षों से जबरन वसूली की और कई प्रोजेक्ट्स में किकबैक मांगी।
दोनों की गिरफ्तारी के बाद उनके घर के बाहर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और नारेबाजी की। कुछ प्रदर्शनकारियों ने पथराव भी किया। लोगों ने सचिन पर विरोधियों को धमकाने और उनकी पिटाई करने में शामिल होने का भी आरोप लगाया। पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है और आरोपों के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।। पुलिस ने बताया कि सचिन पर 2021 में बंगाल विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी हिंसा का भी आरोप है। 2021 में सचिन ने टीएमसी के टिकट पर पहली बार कोलकाता म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव जीता था।
पुलिस ने बताया कि सचिन को जबरन वसूली के मामले में सियालदह कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस दौरान टीएमसी पार्षद की ज्यूडिशियल कस्टडी बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है। अरिजीत की कोर्ट में पेशी को लेकर फिलहाल कोई अपडेट नहीं आया है।