
Suvendu Adhikari Mamata Banerjee: कोलकाता की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने विपक्षी INDIA गठबंधन के भविष्य पर सवाल खड़े करते हुए ममता बनर्जी के संभावित दिल्ली दौरे को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठजोड़ अब प्रभावी नहीं रहा और दिल्ली में होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर नजर रखने की जरूरत है। अधिकारी के इस बयान ने बंगाल से लेकर राष्ट्रीय राजनीति तक नई चर्चा छेड़ दी है।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने INDIA ब्लॉक और ममता बनर्जी को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी गठबंधन का अस्तित्व काफी पहले ही खत्म हो चुका है। अधिकारी ने यह भी सवाल उठाया कि ममता बनर्जी दिल्ली जाकर क्या राजनीतिक रणनीति तैयार करने वाली हैं।
समाचार एजेंसी ANI/IANS के X पर किए गए पोस्ट के हवाले से सामने आए बयान के मुताबिक, सुवेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में ममता बनर्जी की कुछ ऐसे लोगों से मुलाकात हो सकती है, जिन्हें वे कथित तौर पर ‘दिमागी नक्सल’ और आजादी के नारे लगाने वाले समूहों से जोड़ते हैं। उन्होंने केंद्र से ऐसी गतिविधियों पर करीबी नजर रखने की अपील भी की।
अधिकारी ने अपने बयान में जमात का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि जमात कथित तौर पर ‘दिमागी नक्सल’ विचारधारा से जुड़े लोगों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।
सुवेंदु अधिकारी की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब विपक्षी दलों के बीच राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय और क्षेत्रीय राजनीति की भूमिका लगातार चर्चा में रहती है। INDIA गठबंधन में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल शामिल रहे हैं, लेकिन अलग-अलग राज्यों में इनके बीच चुनावी रणनीति और सीटों को लेकर समीकरण अलग-अलग रहे हैं।
पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच राजनीतिक रिश्ते भी लंबे समय से उतार-चढ़ाव वाले रहे हैं। ऐसे में अधिकारी का बयान सिर्फ राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि दिल्ली की विपक्षी राजनीति पर भी इसका असर चर्चा का विषय बन सकता है।
अधिकारी ने अपने बयान में ममता बनर्जी की दिल्ली में संभावित राजनीतिक सक्रियता को लेकर सवाल उठाया। उनके मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में होने वाली बैठकों और संपर्कों पर नजर रखी जानी चाहिए। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए केंद्र को सतर्क रहने की सलाह दी।
फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि ममता बनर्जी की ओर से इस बयान पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया दी गई है या नहीं। ऐसे में अधिकारी के आरोप राजनीतिक बयानबाजी के स्तर पर ही देखे जा रहे हैं। ANI की रिपोर्ट में अधिकारी के बयान को आधार बनाया गया है।