
Nishu Azad Father Attack Case: स्वतंत्र भारद्वाज मामले में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने रविवार को देश में हिंसा के कथित सामान्यीकरण को लेकर चिंता जताई। बोरा ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि अगर ऐसी राजनीति और नफरत का समर्थन किया गया तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
AISA अध्यक्ष नेहा बोरा ने कहा कि हिंसा जैसे सामान्य होती जा रही है और ऐसा लगता है कि सत्ता में बैठे लोगों से संबंध रखने वाला कोई भी व्यक्ति किसी पर हमला कर सकता है।
उन्होंने उस वायरल वीडियो का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर स्वतंत्र भारद्वाज यह कहते नजर आ रहे हैं कि संजय कुमार का ‘सिर फोड़ने’ के बावजूद राजनीतिक संबंधों के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा।
इस दौरान नेहा बोरा ने दिल्ली से जुड़े एक अन्य मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक कार्यक्रम से दो मुस्लिम पत्रकारों को कथित तौर पर हिरासत में लेकर पुलिस थाने में उनके साथ मारपीट की गई और ऐसे मामलों में एफआईआर तक दर्ज नहीं की जा रही है।
नेहा बोरा ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। AISA अध्यक्ष ने कहा कि हिंसा को लेकर दोहरे मापदंड अपनाए जा रहे हैं। बोरा के मुताबिक, कुछ लोग कैमरे पर हिंसा की बात स्वीकार करने के बावजूद कार्रवाई से बच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस कानून के बजाय राजनीतिक निर्देशों के आधार पर काम करती हुई दिखाई दे रही है और सत्ता के करीब लोगों को संरक्षण मिल रहा है।
बोरा ने कहा कि जब हिंसा करने वाले लोग यह कहने लगें कि उन्हें कोई सजा नहीं मिलेगी और रिहा होने के बाद वे दोबारा ऐसा करेंगे, तो यह हर आम नागरिक के लिए चेतावनी है। उन्होंने कहा कि आज वे निशु जैसे लोगों को निशाना बना रहे हैं, कल आपके बच्चों को भी निशाना बनाया जा सकता है।
संजय आजाद पर कथित जानलेवा हमले के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बुलंदशहर से हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली लाया गया। पुलिस ने उन्हें संजय आजाद पर कथित हमले से जुड़ी एफआईआर में गिरफ्तार किया। आरोप है कि स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज नाम के एक अन्य व्यक्ति ने संजय आजाद पर हमला किया था।
इस बीच, राजधानी दिल्ली में दो अधिवक्ताओं ने CJP प्रदर्शनकारी निशु आजाद और उनके पिता के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि निशु आजाद ने सोशल मीडिया पर हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं।
अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने दावा किया कि उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर निशु आजाद की कुछ पुरानी पोस्ट देखीं। उनके मुताबिक, इन पोस्ट में देवी दुर्गा के लिए कथित तौर परआपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया और देवी सरस्वती का मजाक उड़ाया। सचदेवा ने कहा कि उन्होंने निशु आजाद से इन पोस्ट को हटाने के लिए कहा था।