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‘जय श्री राम’ का नारा लगवा विवादों में फंसे तमिलनाडु गवर्नर, कांग्रेस ने कहा- BJP और RSS के बन गए स्टार प्रचारक

Governor RN Ravi Controversy: तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि एक बार फिर विवादों में फंस गए हैं। इस बार छात्रों को जय श्री राम का नारा लगाने की कहने पर विवादों में हैं।

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Apr 13, 2025
जय श्रीराम का नारा लगवाने पर विवादों में फंसे राज्यपाल आरएन रवि

Tamil Nadu Governor RN Ravi: तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि एक बार फिर विवादों में हैं। मदुरै के एक निजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से "जय श्री राम" का नारा लगवाया, जिसके बाद राजनीतिक बवाल मच गया। कांग्रेस ने राज्यपाल पर बीजेपी और आरएसएस का स्टार प्रचारक बनने का आरोप लगाया है। वहीं राज्यपाल का यह वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक दलों ने उनकी आलोचना की है।

क्या है पूरा मामला

राज्यपाल आर एन रवि ने मुदैर के एक निजी कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम में अपने संबोधन के अंत में छात्रों से जयकारा लगाने के लिए कहा। इसके बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। 

संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करने का लगाया आरोप

तमिलनाडु राज्य समान स्कूल प्रणाली मंच (SPCSS) ने तमिलनाडु के राज्यपाल पर संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। SPCSS ने कहा कि आर एन रवि संविधान का पालन करने और उसके आदर्शों और संस्थाओं का सम्मान करने में विफल रहे। आरएन रवि को तमिलनाडु के राज्यपाल के पद से तुरंत हटा दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस ने भी साधा निशाना

बता दें कि राज्यपाल की इस टिप्पणी पर कांग्रेस ने भी निशाना साधा है। कांग्रेस विधायक जेएमएच हसन मौलाना ने राज्यपाल की टिप्पणी को निंदनीय बताया है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल अब बीजेपी और आरएसएस की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणी आरएन रवि के संवैधानिक पद को शोभा नहीं देती।

वहीं वरिष्ठ कांग्रेस नेता शशिकांत सेंथिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा फटकार लगाए जाने और राज्य सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद, अब वह सिस्टम को परेशान करने के लिए छात्रों से 'जय श्री राम' का नारा लगवाने जैसे हथकंडे अपना रहे हैं।

विवादों में रहते हैं राज्यपाल आर एन रवि

बता दें कि तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि विवादों में रहते हैं। इससे पहले तमिलनाडु विधानसभा द्वारा पारित 10 विधेयकों पर मंजूरी न देने के लिए उन्हें सर्वोच्च न्यायालय की आलोचना का सामना करना पड़ा था।

Published on:
13 Apr 2025 08:04 pm
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