
Tamil Nadu jailbreak: तमिलनाडु के थेनी जिले की थेक्कम्पट्टी उप-जेल से 17 विचाराधीन कैदियों के फरार होने के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के अध्यक्ष एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने पॉप कल्चर का हवाला देते हुए सरकार पर तंज कसा। राज्य की कानून-व्यवस्था का मजाक उड़ाते हुए स्टालिन ने कहा कि 'ब्रेकिंग बैड' के बाद अब तमिलनाडु 'प्रिजन ब्रेक' के दौर में आ गया है। इससे पहले ड्रग्स बरामदगी के मामले में TVK के एक पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद स्टालिन ने सत्ताधारी पार्टी को "ब्रेकिंग बैड पार्टी" बताया था।
सोशल मीडिया पर राज्य सरकार को घेरते हुए एमके स्टालिन ने कहा कि उन्हें पहले लगता था कि प्रशासन केवल जमानत पर छूटे अपराधियों पर नजर रखने में नाकाम हो रहा है, लेकिन अब प्रशासन इतना अक्षम साबित हुआ है कि जेल के अंदर बंद कैदी भी आसानी से भागने में कामयाब हो रहे हैं। मुख्यमंत्री विजय पर सीधा निशाना साधते हुए स्टालिन ने सरकार को पूरी तरह विफल बताया। उन्होंने कहा कि राज्य अब ऐसी स्थिति में पहुंच गया है जहां नागरिकों को अपनी सुरक्षा खुद सुनिश्चित करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
स्टालिन ने बताया कि 1995 के बाद यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में कैदी एक साथ जेल से भाग गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब राज्य के पास अत्याधुनिक सुरक्षा और निगरानी उपकरण मौजूद हैं, तो इतनी बड़ी चूक कैसे हो सकती है? उन्होंने इस स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया।
मुख्य विपक्षी दल AIADMK ने भी इस घटना पर सरकार को घेरा है। महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी ने कहा कि पुझल जेल की पिछली घटना के बाद भी सरकार ने कोई सबक नहीं सीखा। उन्होंने सवाल किया कि अगर कैदी पुलिसकर्मियों पर हमला करके हिरासत से भाग सकते हैं, तो आम नागरिक सड़कों पर किस तरह की सुरक्षा की उम्मीद कर सकते हैं?
वहीं, AIADMK सांसद आर. इनबादुरई ने इस घटना को प्रशासनिक अक्षमता और सुरक्षा में बड़ी चूक बताया। उन्होंने सरकार को इसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग की है। वरिष्ठ DMK नेता टी.के.एस. इलांगोवन ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या भागे हुए कैदी TVK पार्टी के प्रशंसक हैं या मुख्यमंत्री विजय के।
AIADMK के राष्ट्रीय प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि DMK के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था खराब थी और TVK की सरकार में यह और भी बदतर हो गई है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में DMK और TVK में कोई फर्क नहीं है, हर चीज को बहुत हल्के में लिया जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जिन लोगों को कानून बनाए रखने और लागू करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, वे खुद ही कानून तोड़ने वाले बन गए हैं।
सोमवार को थेनी जिले की थेक्कम्पट्टी उप-जेल में,विचाराधीन एक कैदी ने मिर्गी का दौरा पड़ने का नाटक किया। जैसे ही जेल कर्मचारियों ने उसकी मदद करने के लिए बैरक का दरवाजा खोला, अन्य कैदियों ने उन पर अचानक हमला कर दिया और उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद 17 कैदी जेल की सुरक्षा व्यवस्था को तोड़कर भागने में सफल रहे।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया। दक्षिणी क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (IGP) के अनुसार, जंगलों और पहाड़ी इलाकों में सघन तलाशी ली जा रही है। अब तक फरार हुए 17 कैदियों में से 4 को फिर से पकड़ लिया गया है, जबकि बाकी 13 का पता लगाने के लिए ड्रोन और विशेष टीमों को तैनात किया गया है। फरार कैदियों को अन्य क्षेत्रों में जाने से रोकने के लिए 16 महत्वपूर्ण स्थानों पर चेकपोस्ट बनाए गए हैं और बस स्टैंडों पर कड़ी सुरक्षा जांच की जा रही है।